ऊना की छात्रा को बड़ी राहत, सांसद अनुराग ठाकुर के हस्तक्षेप से बदली स्थिति
ऊना-शिवानी ठाकुर

हिमाचल प्रदेश के ऊना की एक छात्रा को आखिरकार बड़ी राहत मिली, जब उसकी 7 महीनों से लंबित ओरिजिनल मार्कशीट महज 12 घंटे के भीतर जारी कर दी गई। यह संभव हो पाया हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के त्वरित हस्तक्षेप से।
जानकारी के अनुसार, छात्रा ने जयपुर स्थित एक विश्वविद्यालय से बीएससी माइक्रोबायोलॉजी की परीक्षा पिछले वर्ष अच्छे अंकों से उत्तीर्ण की थी। इसके बावजूद उसे अपनी मूल मार्कशीट प्राप्त करने के लिए लगातार विश्वविद्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे थे। कई बार संपर्क करने के बाद भी उसे केवल आश्वासन ही मिल रहे थे।
शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे छात्रा की समस्या सांसद अनुराग ठाकुर तक पहुंची। उन्होंने तुरंत फोन पर छात्रा से बात की और पूरी जानकारी ईमेल के माध्यम से भेजने को कहा।
हैरानी की बात यह रही कि जैसे ही ईमेल के विषय में “Need Help in जयपुर” लिखा गया, संबंधित तंत्र तुरंत सक्रिय हो गया। ईमेल भेजे जाने के लगभग 10 मिनट के भीतर ही सांसद के कार्यालय से कॉल आया और मामले पर तेजी से कार्रवाई शुरू हो गई।
स्थिति इतनी बदली कि संबंधित विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्वयं छात्रा से संपर्क कर उसे मार्कशीट प्राप्त करने के लिए बुलाया। जो कार्य पिछले 7 महीनों से लंबित था, वह मात्र 12 घंटे के भीतर पूरा कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, उस समय सांसद अनुराग ठाकुर अपने परिवार के साथ वृंदावन में मौजूद थे, फिर भी उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप कर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
आज के समय में, जहां कई जनप्रतिनिधियों पर जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने के आरोप लगते हैं, वहीं यह घटना एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में सामने आई है। इसने न केवल जनप्रतिनिधियों की भूमिका को रेखांकित किया, बल्कि यह भी दिखाया कि संवेदनशीलता और सक्रियता से आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव है।

