शिमला-टीना ठाकुर

विधायक बलबीर सिंह वर्मा ने कहा कि उनके चौपाल विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत करीब 1.32 अरब रुपये के कार्य पूर्व सरकार में स्वीकृत हुए थे, लेकिन वर्तमान सरकार के साढ़े तीन साल के कार्यकाल में ये काम ठप पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो योजनाएं पूरी हो रही हैं और न ही छोटे-छोटे कार्यों को पूरा किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में कई बार मुद्दा उठाने के बावजूद केवल आश्वासन मिलते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई प्रगति नजर नहीं आती। अगर समय पर फंड और काम पूरे हों तो चौपाल में पेयजल समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।
बस सेवाओं को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चौपाल जैसे दूरदराज क्षेत्र में 32 बस रूट बंद कर दिए गए हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहले जहां 70 बसें चलती थीं, वहां अब बसों की संख्या घटा दी गई है और कुछ बसों को अन्य क्षेत्रों में शिफ्ट कर दिया गया है।
वर्मा ने कहा कि कई सड़कें अब भी खराब हैं, लेकिन जहां सड़कें ठीक हैं, वहां भी बस सेवाएं बहाल नहीं की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास न पर्याप्त बसें हैं और न ही स्टाफ, जबकि पिछले साढ़े तीन साल में नई बसें भी नहीं खरीदी गईं और न ही भर्ती की गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि चौपाल क्षेत्र के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। उनकी सरकार के समय 62 डॉक्टर तैनात थे, लेकिन अब उन्हें अन्य क्षेत्रों में स्थानांतरित कर दिया गया है।
उन्होंने रोबोटिक सर्जरी जैसे बड़े प्रोजेक्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अस्पतालों में मूलभूत सुविधाएं ही नहीं हैं, तो ऐसी योजनाएं केवल बजट और भाषणों तक सीमित रह जाएंगी। उन्होंने कहा कि जनता को वास्तविक सुविधाएं नहीं मिल रहीं और आने वाले समय में सरकार को इसका जवाब देना पड़ेगा।



