नूरपुर –भूषण शर्मा

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस संगठन की नई गठित कार्यकारिणी में नूरपुर विधानसभा क्षेत्र को स्थान न मिलने पर पूर्व प्रदेश प्रवक्ता सुदर्शन शर्मा ने बेबाक प्रतिक्रिया दी। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी का गठन आलाकमान के अधिकार क्षेत्र में आता है और अंतिम निर्णय भी वहीं से होता है।
उन्होंने अपने खास अंदाज में कहा कि “परिवार की परंपरा में अक्सर कुछ शरारती बच्चों को पहले भोजन परोसा जाता है ताकि संतुलन बना रहे,” इसी तरह संगठन में भी कई बार प्राथमिकताएं अलग तरीके से तय की जाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश नेतृत्व द्वारा अनुमोदित सूची पर आलाकमान ने अंतिम मुहर लगाई है और एक संतुलित कार्यकारिणी बनाई गई है, जिसमें सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया गया है, खासकर युवाओं को प्राथमिकता मिली है।
सुदर्शन शर्मा ने आगामी पंचायत और निकाय चुनावों में कांग्रेस संगठन की अहम भूमिका की भी बात कही। हालांकि, नूरपुर को प्रतिनिधित्व न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह समझ से परे है, जबकि मंडल के अन्य तीन विधानसभा क्षेत्रों—फतेहपुर, इंदौरा और ज्वाली—से दो-दो प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी दी गई है।
उन्होंने कहा कि नूरपुर कभी कांग्रेस का मजबूत गढ़ रहा है, ऐसे में यहां के कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ठेस लगना स्वाभाविक है। साथ ही उन्होंने राजनीतिक परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि “रणभूमि में मेहनती घोड़े जीत दिलाते हैं, लेकिन ताजपोशी में अक्सर ऊंचे घोड़ों को ही जगह मिलती है,” जो राजनीति का हिस्सा रहा है।



