कुल्लू-प्रिया शर्मा

जिला कल्लू के मुख्यालय ढालपुर में ब्राह्मण जन कल्याण सभा के द्वारा प्रदेश के पहले आयुर्वेद मंत्री एवं शेरे कुल्लू से नाम से मशहूर स्वर्गीय लालचंद प्रार्थी की जयंती मनाई गई। ब्राह्मण जनकल्याण सभा के द्वारा ढालपुर के प्रदर्शनी मैदान में स्व लालचंद प्रार्थी के द्वारा रोपे गए मोहरनी के पेड़ के नीचे पूजा अर्चना की गई और कुल्लू तथा प्रदेश के विकास में लालचंद प्रार्थी के द्वारा दिए गए योगदान को भी याद किया गया। वहीं ब्राह्मण जन कल्याण सभा के द्वारा निर्णय लिया गया कि आगामी समय में इसी मोहरनी के पेड़ के नीचे श्रीमद् भागवत कथा का भी आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हिमाचल की लोक संस्कृति को शेरे कुल्वी लाल चंद प्रार्थी ने विश्व पहचान दिलवाई है। यही नहीं वे साहित्य के पुरोधा रहे और महिलाओं को चार दिवारी से बाहर निकालने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वह मंत्री रहते हुए उन्होंने पर्यावरण को बचाने की मुहिम छेड़ी और राजस्व मंत्री रहते हुए धारा 118 को मजबूत किया। यह बात ब्राह्मण जनकल्याण सभा के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन गौतम ने यहां ढालपुर मैदान में लालचंद प्रार्थी जयंति सभा को संबोधित करते हुए कही।
प्रदेश के पहले भाषा संस्कृति मंत्री व साहित्य के पुरोधा रहे प्रार्थी को आज पूरे देश में याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कला संस्कृति को उन्होंने पूरे देश में बिखेरा। उनके समय में महिलाओं को चार दिवारी के बाहर धार्मिक आयोजनों में नाचने गाने की परंपरा नहीं थी लेकिन प्रार्थी ने सबसे पहले अपनी बहू-बेटियों को चार दिवारी से बाहर निकालकर कुल्वी नाटी में शामिल कर नचाया। इसका परिणाम यह हुआ कि आज पूरे प्रदेश में महिलाओं का सम्मान हो रहा है और महा नाटी में महिलाएं शान बनी हुई है। उन्होंने कहा कि लालचंद प्रार्थी ने 15 अगस्त 1947 को ढालपुर मैदान में आजादी के जश्न की खुशी में मोहनी का पेड़ लगाया है जो आज भी हमें आजादी की याद दिलाता है। इस अवसर पर जिला कुल्लू ब्राह्मण जनकल्याण सभा के अध्यक्ष देवराज शर्मा ने कहा कि आगामी समय में सभा कुल्लू जिला में बरिष्ठ ब्राह्मणों,बुद्धिजीवियों व जिनका समाज में अहम भूमिका रही है उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर लालचंद प्रार्थी के पौत्र अनुराग प्रार्थी ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए और संबोधन किया।



