अम्ब (ऊना)-शिवानी ठाकुर

वन विभाग अम्ब ब्लॉक की टीम ने अवैध कटाई और वन संपदा की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए खैर की लकड़ी से लदी एक पिकअप गाड़ी को पकड़ने में सफलता हासिल की है।
घटना का विवरण:
दिनांक 7 अप्रैल 2026 को वन खंड अधिकारी (BO) अम्ब, संजीव कुमार और उनकी टीम ने गश्त के दौरान सुबह करीब 11:10 बजे गांव टकारला (साधा वाला चो) में जंगल की तरफ से आ रही एक महिंद्रा पिकअप गाड़ी(पंजीकरण संख्या: HP72-0759)को निरीक्षण के लिए रोका। जांच के दौरान गाड़ी से अवैध रूप से काटे गएखैर की लकड़ी के 12 मौछे (टुकड़े) और 1 जड़बरामद हुई। चालक के पास इस लकड़ी के परिवहन की वन विभाग द्वारा जारी कोई वैध अनुमति नहीं थी।
आरोपी की पहचान और कानूनी कार्रवाई:
मौके पर ही गाड़ी और अवैध लकड़ी को जब्त कर लिया गया। पकड़े गए आरोपी चालक की पहचानप्रेम कुमार (पुत्र श्री योगराज, निवासी: लोअर भंजाल, तहसील घनारी , जिला ऊना)के रूप में हुई है। वन विभाग की शिकायत पर पुलिस थाना अम्ब में आरोपी के खिलाफभारतीय वन अधिनियम (Indian Forest Act) की धारा 32, 33, 41, 42 और BNS की धारा 303(2)के तहतप्राथमिकी (FIR संख्या 51/2026)दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी गई है।महिंद्रा पिकअप गाड़ी में लोड खैर लॉग्स की सरकारी कीमत लगभग 70,000 रुपए बनती है।
सरकारी भूमि की जांच के लिए विशेष टीम गठित:
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग द्वारा एक विशेष टीम का गठन किया गया है। यह टीम घटनास्थल और आसपास के सरकारी वन क्षेत्रों (भैरा बीट व अन्य) का सघन निरीक्षण और पैमाइश करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि बरामद की गई खैर की लकड़ी किसी सरकारी भूमि से तो नहीं काटी गई है।
वन माफियाओं को सख्त चेतावनी:
वन विभाग के अधिकारियों ने वन माफियाओं को कड़ा संदेश दिया है कि वे इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को तुरंत बंद कर दें। हमारी ओर से वन अपराध करने वाले अपराधियों के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। यदि वन माफिया अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हैं, तो अम्ब क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वन विभाग और पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से और भी कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
आम जनता से अपील:
वन विभाग स्थानीय जनता से विशेष अपील करता है कि ‘प्रकृति माता’ (Mother Nature) और हमारे पर्यावरण का संरक्षण हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि किसी भी नागरिक के संज्ञान में पेड़ों की अवैध कटाई, तस्करी या वन संपदा को नुकसान पहुंचाने जैसी कोई भी घटना आती है, तो वे तुरंत इसकी सूचना वन विभाग या स्थानीय पुलिस को दें, ताकि हम समय रहते अपनी प्रकृति की रक्षा कर सकें। सूचना देने वाले नागरिक का नाम पूर्णतः गुप्त रखा जाएगा।


