शिवानी ठाकुर-ऊना(हिमाचल प्रदेश)

ऊना में पुलिसकर्मियों के कथित ट्रांसफर को लेकर अब सियासत खुलकर गरमा गई है। भाजपा युवा जिला मीडिया प्रभारी दिनेश कुमार ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि हिमाचल में अब कानून नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव के आदेश चल रहे हैं।
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि अगर एक पुलिसकर्मी केवल अपनी ड्यूटी निभाते हुए सड़क पर खड़ी गाड़ी को शालीनता से साइड करने के लिए कहता है और उसके बदले में उसका ट्रांसफर कर दिया जाता है, तो यह सिर्फ एक अधिकारी का नहीं, बल्कि पूरे कानून व्यवस्था तंत्र का मनोबल तोड़ने की साजिश है।
दिनेश कुमार ने आरोप लगाया कि इस मामले में न कोई चालान हुआ, न कोई अभद्रता—फिर भी एक राजनीतिक दबाव के चलते DO लगवाकर ट्रांसफर करा दिया गया। उन्होंने इसे “सिस्टम को गिरवी रखने वाली राजनीति” करार दिया।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब ईमानदारी से काम करना ही पुलिसकर्मियों के लिए खतरा बन गया है? अगर हर निर्णय राजनीतिक इशारों पर होगा, तो फिर निष्पक्ष कानून व्यवस्था की उम्मीद कैसे की जा सकती है?
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब इस तरह के गंभीर मुद्दों पर सवाल पूछे जाते हैं, तो सरकार का रवैया टालमटोल और गैर-जिम्मेदाराना नजर आता है। उन्होंने इसे जनता के साथ “सीधा विश्वासघात” बताया।
दिनेश कुमार ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार अब आम जनता की नहीं, बल्कि प्रभावशाली और संदिग्ध तत्वों की सुरक्षा कवच बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि “अगर यही हाल रहा, तो कानून का राज खत्म होकर सिफारिश और दबाव का राज स्थापित हो जाएगा।”
अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस तरह के मामलों पर तुरंत रोक नहीं लगाई, तो भाजपा इस मुद्दे को सड़कों से लेकर विधानसभा तक जोरदार तरीके से उठाएगी और बड़े जन आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेगी।

