रिपोर्टर /गोविन्द रावत

अल्मोड़ा जिले के विकासखंड धौलादेवी स्थित विकासखंड सभागार में प्रधान संगठन की एक समन्वयक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान संगठन अध्यक्ष सुरेश भट्ट ने की। बैठक में धौलादेवी ब्लॉक प्रमुख लीला बिष्ट, प्रधान संगठन के पदाधिकारी, ग्राम प्रधान एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में प्रधान संगठन अध्यक्ष सुरेश भट्ट ने सभी ग्राम पंचायतों में गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी विकास कार्य सुनिश्चित करने पर जोर दिया। ग्राम प्रधानों ने भी अपने-अपने विचार रखते हुए ग्राम पंचायतों के सर्वांगीण विकास के लिए सुझाव दिए। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी प्रधान, अधिकारी एवं कर्मचारी आपसी समन्वय व टीमवर्क के साथ कार्य करते हुए विकासखंड धौलादेवी को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।
बैठक के दौरान राज्य वित्त एवं केंद्रीय वित्त आयोग से ग्राम पंचायतों को प्राप्त होने वाले अनुदानों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी ने ग्राम प्रधानों की सुविधा के अनुसार टेंडर व्यवस्था, कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) एवं मस्टर रोल से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाने के निर्देश सभी ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को दिए। साथ ही सभी ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायत का विधिवत चार्ज देने के भी निर्देश जारी किए गए।
चर्चा के दौरान ग्राम प्रधानों ने आरोप लगाया कि दैवीय आपदा से संबंधित चयनित योजनाओं में जिला पंचायत एवं अन्य विभागों द्वारा ग्राम प्रधानों से प्रमाण पत्र लिए बिना ही योजनाओं का चयन किया गया, जो अनुचित है। इस पर प्रधान संगठन ने निर्णय लिया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में दैवीय आपदा सहित किसी भी कार्य को ग्राम प्रधान की अनुमति के बिना न किया जाए। इस संबंध में शीघ्र ही जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया।
बैठक में मनरेगा से संबंधित कार्यों की जानकारी ग्राम विकास अधिकारी पुनेठा द्वारा विस्तार से ग्राम प्रधानों को दी गई।
बैठक में संगठन संरक्षक केसर सिंह, महामंत्री पंकज पाण्डे, उपाध्यक्ष हरीश मलारा, कविता आर्य, कमल जोशी, श्याम सिंह रैकवाल, बसंत बल्लभ, किरण देवी, कैलाश साह, कमल किशोर, प्रकाश भारती, सुमित लाल शाह, भोला दत्त पाण्डे, गिरीश जोशी, कैलाश चंद्र पांडे, दीवान सिंह, गोधन सिंह सहित दर्जनों ग्राम प्रधान, सहायक विकास अधिकारी पंचायत, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, जूनियर इंजीनियर एवं अन्य रेखीय विभागों के कर्मचारी मौजूद थे।

