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देहरादून में 14वीं गढ़वाल राइफल्स एक्स-सर्विसमैन एसोसिएशन ने बटालियन का 50वां स्थापना दिवस मनाया।जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड कम आबादी वाला राज्य है, लेकिन देश की सैन्य शक्ति में इसका योगदान उल्लेखनीय है। देश के करीब 17 प्रतिशत सैनिक उत्तराखंड से आते हैं।सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने 14वीं गढ़वाल राइफल्स के स्वर्ण जयंती समारोह में यह बात कही। उन्होंने कहा कि गढ़वाल राइफल्स वीरता और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है और उत्तराखंड वीरों की भूमि है।

गढ़ी कैंट स्थित दून सैनिक इंस्टीट्यूट में 14वीं गढ़वाल राइफल्स एक्स-सर्विसमैन एसोसिएशन की ओर से बटालियन के 50वें स्थापना दिवस पर समारोह हुआ। मंत्री गणेश जोशी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और देश की रक्षा में बलिदान देने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी।उन्होंने समारोह में वीर नारी लक्ष्मी देवी, दीपा रावत, बसंती देवी, आशा देवी, चिमुड़ी देवी और दीपा देवी को सम्मानित किया गया। सेना मेडल धारक राइफलमैन कर्मेन्द्र सिंह, सूबेदार प्रेम सिंह और हवलदार खिलाफ सिंह भी सम्मानित हुए।जोशी ने कहा कि 14वीं गढ़वाल राइफल्स की स्थापना एक सितंबर 1976 को कर्नल सौंधी के नेतृत्व में हुई थी। उन्होंने स्वयं इस बटालियन में सिपाही के रूप में सेवा की है। उन्होंने कहा कि आज राजनीति में उनकी उपलब्धियों में सैन्य पृष्ठभूमि और बटालियन में बिताए समय का बड़ा योगदान है। अनुशासित सैन्य जीवन ने उन्हें लगातार चार बार विधायक और कैबिनेट मंत्री के रूप में जनसेवा का अवसर दिया।वर्तमान में बटालियन भटिंडा में तैनात है। शासकीय कार्यक्रमों के कारण मंत्री वहां नहीं जा सके और देहरादून में पूर्व सैनिकों के साथ स्वर्ण जयंती मनाई। उन्होंने पूर्व सैनिकों के साथ पारंपरिक नृत्य कर पुरानी यादें ताजा कीं।मंत्री ने वन रैंक वन पेंशन, जिला स्तर पर पूर्व सैनिकों की समस्याओं के लिए नोडल अधिकारी और शहीद परिवारों को नौकरी देने जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सैन्यधाम का निर्माण पूरा हो चुका है और जल्द लोकार्पण होगा।इस दौरान 14वीं गढ़वाल राइफल्स पूर्व सैनिक संगठन के पूर्व अध्यक्ष कैप्टन (सेनि.) गुलाब सिंह, नायब सूबेदार (सेनि.) बलवंत सिंह पंवार, सूबेदार (सेनि.) महाराज सिंह, कैप्टन (सेनि.) ज्योति रौतेला, विक्रम सिंह, धर्म सिंह और डा. सुभाष समेत कई पूर्व सैनिक मौजूद रहे।
