Sunday, September 6, 2026
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आखिर कहां से आ रहे 200 और 500 रुपये के नकली नोट? उत्तराखंंड में सप्लाई देने से पहले कासगंज में 2 गिरफ्तार  

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कासगंज में सोरों पुलिस और एसओजी ने एक लाख रुपये के नकली नोटों के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों का आपराधिक इतिहास है और वे उत्तराखंड के कुछ लोगों को नकली नोटों की आपूर्ति करने वाले थे।सोरों थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने नकली भारतीय करेंसी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 500 रुपये के 200 नकली नोट बरामद किए हैं। बरामद नोटों की कुल कीमत एक लाख रुपये है।  पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर रही है। आरोपितों का खासा अपराधिक इतिहास है। नकली नोटों की आपूर्ति उत्तराखंड के कृछ आरोपितों को दी जानी थी।500 रुपये के 200 जाली नोट बरामदगुरुवार आधी रात के बाद 2:10 बजे मेला ग्राउंड के पास सोरों कोतवाली पुलिस चेकिंग कर रही थी। चेकिंग के दौरान बाइक सवार दोनों आरोपितों को पकड़ा गया। पुलिस ने संदेह के आधार पर जब उनकी तलाशी ली तो 500-500 रुपये के 200 जाली नोट मिले। उनकी पहचान बदायूं के थाना मुजरिया क्षेत्र के ग्राम सिकंदराबाद निवासी रूपकिशोर उर्फ राजू और कासगंज के थाना ढोलना क्षेत्र के भगवंतपुर निवासी गोविंद के रूप में हुई है।

पुलिस ने दोनों के खिलाफ सोरों थाने में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस के मुताबिक, रूपकिशोर उर्फ राजू के खिलाफ बदायूं, संभल और अलीगढ़ जनपदों में हत्या, चोरी, धोखाधड़ी, जालसाजी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत 12 मुकदमे दर्ज हैं।नकली नोट कहां से लाए जाते थे और कहां खपाए जाते थे पुलिस आरोपितों द्वारा साथियों के बताए गए नाम पतों की जांच कर रही है। हालांकि यह माना जा रहा है कि आरोपितों का बड़ा नेटवर्क है। जिसे पुलिस खंगाल रही है। आरोपितों के बारे में यह भी पता चला है कि वे अपने गांव दो महीने से गए इसके बाद नहीं गए। आरोपितों की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है।उत्तराखंड के आरोपितों को देनी थी आपूर्तिआरोपितों ने पुलिस के समक्ष कबूला है कि उत्तराखंड के कुछ आरोपित कार से मेला ग्राउंड आने वाले थे उन्हें नकली नोट देने थे मगर उससे पहले ही पुलिस ने पकड़ लिया। उत्तराखंड के आरोपितों को संभवत: पुलिस कार्रवाई का शक हो गया इसलिए वे नहीं आए या फिर भाग गए।

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