दैनिक जागो वर्ल्ड !हिमाचल

हिमाचल प्रदेश को लगातार चौथे वर्ष केंद्र से मिलने वाली ग्रांट-इन-एड में कटौती का सामना करना पड़ रहा है, जिससे राज्य की राजस्व प्राप्तियों में केंद्रीय अनुदान का हिस्सा 55% से घटकर 33% रह गया है। हिमाचल प्रदेश को आर्थिक मोर्चे पर झटका लगा है। राज्य को केंद्र से मिलने वाली ग्रांट-इन-एड में लगातार कटौती हो रही है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य को 18,412.58 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ था, जो 2024-25 में घटकर 13,721.61 करोड़ रुपये रह गया है। यह चौथा वित्तीय वर्ष है जब केंद्र से मिलने वाले अनुदान में कमी आई है।

वित्त विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियों में केंद्रीय अनुदान की हिस्सेदारी तेजी से घट रही है। 2020-21 में यह हिस्सा 55.06 प्रतिशत था, जो 2024-25 में घटकर 33.57 प्रतिशत रह गया है। निरंतर कमी के कारण राज्य सरकार को खर्च पूरे करने के लिए अपने संसाधनों पर अधिक निर्भर रहना पड़ेगा।
