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भाजपा ने उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनावों के लिए अगस्त-सितंबर का विस्तृत संगठनात्मक कैलेंडर जारी किया है।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों को संगठन के अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए भाजपा पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। नई दिल्ली में हुई प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में पार्टी ने अगस्त और सितंबर के लिए विस्तृत संगठनात्मक कार्यक्रम जारी किया।पार्टी चुनावी तैयारियों को बैठकों तक सीमित न रखकर हर बूथ, हर शक्ति केंद्र और हर घर तक पहुंचाना चाहती है। इसी उद्देश्य से जिला और मंडल स्तर की बैठकों से लेकर तिरंगा यात्रा, हर घर तिरंगा अभियान, बूथ सशक्तीकरण और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से संवाद तक का चरणबद्ध कार्यक्रम तय किया गया है।भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में हुई कोर कमेटी की बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। इसके तहत 8 अगस्त को देहरादून में गढ़वाल मंडल के जिला एवं मंडल अध्यक्षों तथा 16 अगस्त को हल्द्वानी में कुमाऊं मंडल के जिला एवं मंडल अध्यक्षों की बैठक होगी।
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इन बैठकों के समन्वय की जिम्मेदारी प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल को सौंपी गई है। नौ अगस्त को प्रदेशभर में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी, जिसका समन्वय युवा मोर्चा अध्यक्ष विपुल मेंदोली करेंगे। इसके बाद 11 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान चलाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बिष्ट को दी गई है। पार्टी का उद्देश्य इन अभियानों के माध्यम से अधिकतम परिवारों तक संपर्क स्थापित करना है।17 अगस्त को गढ़वाल मंडल के अंतर्गत आने वाले सांसदों और विधायकों की बैठक देहरादून में तथा 18 अगस्त को कुमाऊं मंडल के सांसदों एवं विधायकों की बैठक आयोजित होगी। इन बैठकों का समन्वय प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत करेंगी। इनमें विधानसभावार राजनीतिक फीडबैक, संगठन की स्थिति और चुनावी तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने के लिए 19 अगस्त से बूथ सशक्तीकरण अभियान शुरू होगा, जबकि 23 अगस्त से शक्ति केंद्रों की बैठकें आयोजित की जाएंगी। इनमें बूथ समितियों की सक्रियता, मतदाता संपर्क और संगठनात्मक जिम्मेदारियों की समीक्षा की जाएगी।सितंबर माह में ऐसे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से विशेष संवाद अभियान चलाया जाएगा, जो वर्तमान में किसी संगठनात्मक अथवा अन्य दायित्व में नहीं हैं। पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया कि अब संगठनात्मक गतिविधियां सीधे चुनावी अभियान का रूप लेंगी और लक्ष्य हर बूथ के साथ हर घर तक भाजपा की प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित करना होगा।
