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काशीपुर के एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय में बिजली गुल होने पर ओपीडी में मरीजों की जांच मोबाइल या मोमबत्ती की रोशनी में करनी पड़ती है।राजेश शर्मा, काशीपुर। सरकारी अस्पताल में मरीजों को बेहतर उपचार देने के दावे बिजली जाते ही हवा हो जाते हैं। एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय में बिजली आपूर्ति बाधित होते ही ओपीडी की व्यवस्था चरमरा जाती है।

अस्पताल में इनवर्टर और जनरेटर होने के बावजूद इनका कनेक्शन मरीजों की जांच वाली ओपीडी में नहीं है। नतीजा, बिजली गुल होते ही कई कक्ष अंधेरे में डूब जाते हैं और चिकित्सकों को मोबाइल फोन अथवा मोमबत्ती की रोशनी में मरीजों की जांच करनी पड़ती है।अंधेरे में चली जाती है ओपीडी जागरण पड़ताल में सामने आया कि अस्पताल में वैकल्पिक बिजली व्यवस्था के संसाधन उपलब्ध हैं, लेकिन उनका लाभ मरीजों तक नहीं पहुंच रहा। अस्पताल सूत्रों के अनुसार इनवर्टर और जनरेटर के कनेक्शन सीएमएस कार्यालय में ही किए गए हैं। ऐसे में बिजली कटौती के दौरान प्रशासनिक कार्यालय में बैकअप बना रहता है, जबकि मरीजों की जांच और उपचार करने वाली ओपीडी अंधेरे में चली जाती है।
