शिमला-टीना ठाकुर

शिमला में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और विधायक कुलदीप राठौर ने बजट सत्र में पारित हुए संकल्प और अमेरिका के साथ एफटीए (Free Trade Agreement) के तहत सेब पर आयात शुल्क घटाने से जुड़े प्रस्ताव पर चिंता जताई। राठौर ने कहा कि अमेरिका जीरो टैरिफ की मांग कर रहा है, जिससे हिमाचल की बागवानी पर नकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रस्ताव का केंद्र सरकार पर असर होगा और बागवानों व किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। राठौर ने यह भी कहा कि उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर को अपने राज्यों से ऐसे प्रस्ताव पारित करने चाहिए, जबकि पंजाब ने पहले ही प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को अमेरिका के दबाव में नहीं आना चाहिए और किसान आयोग के गठन से किसानों को फायदा मिलेगा।
साथ ही, हिमाचल कांग्रेस अनुशासन समिति के चैयरमैन के तौर पर राठौर ने पार्टी अनुशासन पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “कोई भी संगठन अनुशासन से चलता है और हर पार्टी का अपना संविधान होता है। मैं किसी के दबाव में काम नहीं करता और पार्टी के लिए जो उचित होगा वही करूंगा। जल्द ही अनुशासन समिति की बैठक करके इस विषय पर चर्चा की जाएगी।” राठौर ने चेतावनी दी कि किसी भी विधायक या पार्टी नेता का पार्टी कार्यों में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अगर कोई पार्टी मंच के बाहर अपनी बात रखेगा तो कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी जवाबदेही पार्टी के संविधान और हाईकमान के प्रति होगी और अनुशासन समिति को हल्के में नहीं लेना चाहिए।



