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ग्राम पंचायत त्यूड़ी, जिला ऊना की निवासी एवं सेवानिवृत्त प्रवक्ता तथा अधिवक्ता श्रीमती शाम दुलारी को उनके उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों एवं समाज के प्रति उल्लेखनीय योगदान के लिए शिमला में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। अमर उजाला द्वारा आयोजित ‘राज्य स्तरीय नारी शक्ति सम्मान-2026’ समारोह में श्रीमती शाम दुलारी को यह सम्मान प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों से उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।श्रीमती शाम दुलारी को यह सम्मान उप मुख्यमंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री के करकमलों द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर मंत्रिमंडल के मंत्रियों सहित अमर उजाला के पिलर-इन-चीफ, मैनेजिंग डायरेक्टर तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।श्रीमती शाम दुलारी लंबे समय से विभिन्न सामाजिक कार्यों में सक्रिय रूप से योगदान दे रही हैं। वह गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहायता प्रदान करने के साथ-साथ विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के साथ मिलकर भी समाजसेवा के कार्यों में अपना योगदान और समर्पण दे रही हैंश्रीमती शाम दुलारी ने शिक्षा के क्षेत्र में लगभग 30 वर्षों तक अपनी सेवाएं प्रदान कीं। वह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भरवाईं से प्रवक्ता के पद से सेवानिवृत्त हुईं। शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं देने के दौरान उन्होंने शिक्षक एवं मास्टर ट्रेनर के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने समाजसेवा का कार्य जारी रखा और वर्तमान में अधिवक्ता के रूप में जिला ऊना में लोगों को कानूनी सेवाएं प्रदान कर रही हैं।

सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न कार्यों में सक्रिय योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। इनमें कोरोना महामारी के दौरान जनसेवा, वृक्षारोपण, कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जागरूकता अभियान, एकल-उपयोग प्लास्टिक के प्रति जागरूकता, गरीब एवं जरूरतमंद बच्चियों की शिक्षा में सहायता तथा गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग जैसे कार्य प्रमुख हैं।इसके अतिरिक्त, वह लंबे समय से लोगों को निःशुल्क कानूनी सलाह भी प्रदान करती आ रही हैं। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने तथा लोगों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक करने में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है श्रीमती शाम दुलारी महिलाओं को उनके कानूनी एवं सामाजिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए भी लगातार कार्य कर रही हैं। इस कार्य में उनकी पुत्री अधिवक्ता शिखा भारद्वाज भी उनका सहयोग करती हैं। अधिवक्ता शिखा भारद्वाज ऊना एवं अंब न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में सेवाएं प्रदान कर रही हैं तथा महिलाओं को उनके अधिकारों एवं कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्यरत हैंश्रीमती शाम दुलारी का जीवन शिक्षा, समाजसेवा और जनकल्याण के प्रति समर्पण का उदाहरण है। शिक्षा के क्षेत्र में तीन दशकों तक सेवाएं देने के बाद भी उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारियों से स्वयं को जोड़े रखा और जरूरतमंद लोगों की सहायता तथा समाज में जागरूकता फैलाने के कार्य को निरंतर आगे बढ़ाया। राज्यस्तरीय मंच पर मिला यह सम्मान उनके लंबे सामाजिक एवं जनसेवी योगदान की महत्वपूर्ण पहचान है।
