कुल्लू-प्रिया शर्मा

कुल्लू जिले की तीर्थन घाटी में पिछले वर्ष बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पेयजल योजनाओं को अब दुरुस्त करने की कवायद तेज हो गई है। जल शक्ति विभाग ने नगलाड़ी-गुशैणी, श्रीकोट और शरची पेयजल योजनाओं की मरम्मत के लिए करीब 6 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। विभाग ने इस दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी है और एक महीने के भीतर सभी कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जानकारी के अनुसार, नगलाड़ी-गुशैणी पेयजल योजना के तहत बाड़ी रोपा क्षेत्र में मरम्मत कार्य किया जाएगा। इस कार्य पर दो लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाएगी। यहां पाइपलाइन को हुए नुकसान को ठीक करने के साथ-साथ जल आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी सुधार भी किए जाएंगे।
वहीं, श्रीकोट पेयजल योजना के अंतर्गत शरेड़ा क्षेत्र में जीआई पाइप बिछाने का कार्य किया जाएगा, जिसके लिए लगभग 1.95 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस कार्य के पूरा होने के बाद क्षेत्र के लोगों को नियमित और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति मिल सकेगी।
इसके अलावा, शरची पेयजल योजना में भी क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत और सुधार कार्य किए जाएंगे, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जल आपूर्ति बाधित न हो। विभाग द्वारा इन योजनाओं की निगरानी के लिए तकनीकी टीमों को तैनात किया गया है, जो कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करेंगी।
स्थानीय लोगों ने विभाग के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि बरसात के बाद से क्षेत्र में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही थी, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब इन योजनाओं के सुधार से उन्हें बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
जल शक्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं और निर्धारित समयसीमा के भीतर इन्हें पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही, भविष्य में इस तरह के नुकसान से बचने के लिए मजबूत और टिकाऊ संरचना पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
यह पहल न केवल क्षेत्र में पेयजल संकट को दूर करेगी, बल्कि तीर्थन घाटी के ग्रामीण इलाकों में जीवन स्तर को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

