Sunday, September 20, 2026
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देश के लाखों बच्चों को भुगतना पड़ा खामियाजा, सेकंडों छात्रों ने दी जान,लाखों ने खाये पुलिस के डंडे,

दैनिक जागो वर्ल्ड ! ऊना बंगाणा

बंगाणा,कुटलैहड़ क्षेत्र के विधायक विवेक शर्मा ने नीट परीक्षा विवाद, राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे और भाजपा की धार्मिक राजनीति को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर विवाद ने देशभर के लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को मानसिक परेशानी में डाला। उनका आरोप है। कि परीक्षा व्यवस्था में हुई गंभीर अनियमितताओं के कारण बच्चों को सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ा और कई विद्यार्थियों को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि नीट परीक्षा को लेकर देशभर में सवाल उठे, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से विद्यार्थियों की पीड़ा को उस गंभीरता से नहीं समझा गया, जिस की उनसे अपेक्षा थी। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ। विधायक ने दावा किया कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से विद्यार्थियों को लेकर पर्याप्त संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पद से त्यागपत्र देना अपने आप में सरकार की जिम्मेदारी और परीक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े करता है। हालांकि, उन्होंने इसे सीधे तौर पर “पेपर चोरी स्वीकार करना बताया,जबकि किसी मंत्री का इस्तीफा अपने आप में पेपर चोरी की कानूनी पुष्टि नहीं करता।
श्री राम मंदिर चंदे चोरी का हिसाब सार्वजनिक करने की देश की जनता की मांग,
विधायक विवेक शर्मा ने श्री राम मंदिर, अयोध्या के निर्माण के लिए देशभर से एकत्र किए गए चंदे का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम के मंदिर निर्माण के लिए देश की जनता ने श्रद्धा और आस्था से बड़ी मात्रा में दान दिया। ऐसे में जनता को यह जानने का अधिकार है कि इस धन का किस प्रकार उपयोग हुआ।उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब चंदे को लेकर सवाल उठे और जांच की बातें सामने आईं तो भाजपा नेताओं को जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी। उनका आरोप है कि मंदिर के नाम पर एकत्र हुए चंदे का पूरा हिसाब जनता के सामने नहीं रखा गया। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि जनता धार्मिक आस्था का सम्मान करती है, लेकिन आस्था के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम करोड़ों लोगों की श्रद्धा के केंद्र हैं और किसी राजनीतिक दल को उनकी आस्था का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं करना चाहिए।
बिना भगवान के क्या भाजपा नहीं कर सकती राजनीति,श्री राम जी हमारे भी आराध्य,
विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि भाजपा के राजनीतिक इतिहास में भगवान श्री राम का मुद्दा लंबे समय से प्रमुख रहा है। उनके अनुसार, जनसंघ के दौर से लेकर वर्ष 1980 में भाजपा के गठन के बाद तक पार्टी ने लगातार श्री राम और राम मंदिर को अपने राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाया। विवेक शर्मा ने कहा कि भाजपा की राजनीति में धार्मिक मुद्दों की भूमिका जनता अब समझने लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बिना भगवान के नाम का सहारा लिए राजनीति नहीं कर सकती। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि देश की जनता विकास, रोजगार, शिक्षा, महंगाई और युवाओं के भविष्य जैसे वास्तविक मुद्दों पर जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि श्री राम किसी एक दल की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था के प्रतीक हैं। इसलिए भगवान श्री राम के नाम पर राजनीति करने के बजाय उनके आदर्शों को जीवन और शासन में उतारने की जरूरत है। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि अयोध्या में श्री राम मंदिर का निर्माण देश के करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है और मंदिर के लिए आम जनता ने भी खुले मन से सहयोग किया है। ऐसे में चंदे से जुड़े हर सवाल का पारदर्शी जवाब जनता के सामने होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नीट विवाद हो या धार्मिक आस्था से जुड़े विषय, केंद्र सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए। विवेक शर्मा ने कहा कि अब देश की जनता केवल भावनात्मक मुद्दों पर नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही, रोजगार, शिक्षा और विकास के आधार पर सरकारों का मूल्यांकन कर रही है।

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