ऊना,हरोली

मेहतपुर निवासी श्री रामपाल अपनी भैंस को पिछले 10 दिनों से चारा न खाने की शिकायत के चलते पशु चिकित्सालय पॉलीक्लिनिक लल्हड़ी, हरोली लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने भैंस की प्रारंभिक जांच, रक्त परीक्षण और अल्ट्रासाउंड किया, जिसमें उसके पेट में धातु से बनी फॉरेन बॉडी होने का पता चला।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने पशु की जान बचाने के लिए तत्काल शल्य चिकित्सा की सलाह दी। इसके बाद डॉ. निशांत राणौत, डॉ. नवनीत शर्मा, डॉ. शिल्पा राणौत और डॉ. स्टेफनी प्रधान की टीम ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया।
ऑपरेशन के दौरान भैंस के पेट से 32 नुकीली लोहे की कीलें व तार, एक बियरिंग बॉल, एक टूटा हुआ बोल्ट तथा 10 अन्य छोटे धातु के टुकड़े निकाले गए। चिकित्सकों के अनुसार ये सभी धातु की वस्तुएं भैंस के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा थीं और लंबे समय से हो रहे दर्द व चारा न खाने का मुख्य कारण भी यही थीं।
इस सफल ऑपरेशन में फार्मासिस्ट सौरव कुमार, सुनंदा, दीपक, करमवीर और विकास ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
फिलहाल ऑपरेशन के बाद भैंस की हालत में सुधार है और उसे दर्द से राहत मिली है। चिकित्सकों के अनुसार अगले 7 से 10 दिनों तक भैंस को चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा, ताकि उसके पूर्ण रूप से स्वस्थ होने को सुनिश्चित किया जा सके।

