Sunday, September 20, 2026
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विश्वओजोनदिवस16सितम्बरपरविशेष ओजोनपरतपृथ्वीकासुरक्षा_कवच

दैनिक जागो वर्ल्ड ! ऊना

16 सितंबर को विश्व ओजोन दिवस मनाया जाता है, जो ओजोन परत के संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में भी जाना जाता है. इस दिन को 1987 में “मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल” पर हस्ताक्षर किए जाने की याद में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य ओजोन परत को नष्ट करने वाले पदार्थों के उत्पादन को कम करना है।

विश्व ओजोन दिवस 2026 की आधिकारिक थीम “एक ठंडे ग्रह के लिए वैश्विक कार्रवाई – मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के किगाली संशोधन के तहत टिकाऊ कूलिंग के 10 वर्ष का जश्न मनाना” है। ओज़ोन परत की खोज 1913 में फ्रांसीसी भौतिकविदों चार्ल्स फैब्री और हेनरी बुइसन ने की थी। विश्व ओजोन दिवस को पहली बार साल 1995 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाया गया था।
ओजोन का रासायनिक सूत्र O₃ (तीन ऑक्सीजन परमाणुओं से बना अणु) है और यह एक अत्यधिक प्रतिक्रियाशील, हल्के नीले रंग की और तीखी गंध वाली गैस है। यह ऑक्सीजन का ही एक अपरूप है, जिसे ट्राइऑक्सीजन भी कहते हैं, और यह प्रकृति में पाई जाती है। ओजोन परत को मापने की इकाई को “डॉबसन” इकाई (Dobson Unit या DU) कहा जाता है। यह इकाई बताती है कि ओजोन को मानक तापमान और दबाव (0° सेल्सियस और 1 वायुमंडल) पर लाने पर उसकी भौतिक मोटाई कितनी होगी। एक डॉबसन इकाई 0.01 मिलीमीटर मोटी शुद्ध ओजोन की परत के बराबर होती है।
ओजोन परत मुख्य रूप से पृथ्वी के वायुमंडल के “समताप मंडल” में पाई जाती है, जो पृथ्वी की सतह से लगभग 10-50 किलोमीटर ऊपर स्थित होती है। यह परत हानिकारक पराबैंगनी (यूवी) विकिरण को अवशोषित करके पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करती है। वायुमंडल में ओजोन का औसत सांद्रण 300 डॉवसन यूनिट है। ओजोन छिद्र की खोज ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वेक्षण (BAS) के जो फ़ार्मन (Joe Farman), ब्रायन गार्डिनर (Brian Gardiner) और जोनाथन शेंकलिन (Jonathan Shanklin) ने की थी, और 1985 में “नेचर” पत्रिका में इस पर एक शोधपत्र प्रकाशित किया था। उन्होंने अंटार्कटिका के ऊपर ओजोन परत में गिरावट देखी, जो बाद में “ओजोन छिद्र” के रूप में जाना गया।
_”मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल” पर 16 सितंबर, 1987 को हस्ताक्षर किए गए थे और यह ओज़ोन परत को नष्ट करने वाले पदार्थों के उत्पादन और उपभोग को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है, जिसका उद्देश्य पृथ्वी की ओज़ोन परत की रक्षा करना है. इसकी मुख्य विशेषताओं में “ओज़ोन क्षयकारी पदार्थों” (ODS) को चरणबद्ध रूप से समाप्त करने के लिए एक समय-सारणी शामिल है, विकासशील देशों के लिए वित्तीय सहायता, नियमित समीक्षा और संशोधन, और सार्वभौमिक भागीदारी शामिल हैं, जिसके कारण यह मानव इतिहास की सबसे सफल पर्यावरणीय संधियों में से एक बन गया है।
ओजोन परत के क्षरण का मुख्य कारण मानव निर्मित ओजोन-अवक्षयकारी पदार्थ (ODS) जैसे क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs) का उत्सर्जन है. ये रसायन रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर, एयरोसोल और कुछ फोम-ब्लोइंग एजेंटों में पाए जाते हैं. जब ये रसायन समताप मंडल में पहुँचते हैं, तो सूर्य की पराबैंगनी किरणों से टूटकर क्लोरीन और ब्रोमीन जैसे परमाणु मुक्त करते हैं, जो फिर ओजोन (O₃) अणुओं को नष्ट कर देते हैं। क्लोरीन का एक परमाणु ओजोन के 1000 अणुओं को नष्ट कर देता है। ओजोन परत का महत्व:
*जीवन की रक्षा: ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी विकिरण को अवशोषित करके पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करती है।
*स्वास्थ्य लाभ: यह मनुष्यों को त्वचा कैंसर, त्वचा को नुकसान, मोतियाबिंद और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली जैसी समस्याओं से बचाती है।

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