Monday, September 7, 2026
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संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650 बी जयंती पर कुटलैहड़ के खुरवाईं और बसाल में गूंजा समरसता का संदेश,

दैनिक जागो वर्ल्ड ! कुटलैहड़/बंगाणा

संत शिरोमणि पूज्य गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समरसता संकल्प अभियान एवं कलश वंदन यात्रा का कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के खुरवाईं और बसाल में भव्य स्वागत किया गया, कुटलैहड़ भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक दविंदर कुमार भुट्टो के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यात्रा के पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने श्रद्धा एवं सम्मान के साथ स्वागत करते हुए संत रविदास जी महाराज के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। कलश वंदन यात्रा के दौरान माहौल पूरी तरह भक्तिमय और उत्साहपूर्ण नजर आया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए और संत रविदास जी के विचारों एवं उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि संत रविदास जी ने समाज में समानता, भाईचारे, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया, जो आज भी पूरी तरह प्रासंगिक है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक दविंदर कुमार भुट्टो ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज के जीवन और उनके महान विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी का पूरा जीवन समाज को एकता, समानता और मानव सेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने ऐसे समाज की कल्पना की थी, जहां किसी व्यक्ति के साथ जाति, धर्म अथवा सामाजिक स्थिति के आधार पर भेदभाव न हो और सभी लोग सम्मान एवं समान अधिकार के साथ जीवन व्यतीत करें।
भाजपा नेता बोले , संत रविदास जी के विचार सामाजिक एकता की मजबूत नींव,
भाजपा नेता दविंदर कुमार भुट्टो ने कहा कि संत रविदास जी ने अपनी वाणी और कर्मों के माध्यम से समाज में फैली कुरीतियों और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई। उनका संदेश केवल किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज के लिए था। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी का जीवन हमें सिखाता है कि मनुष्य की पहचान उसके कर्मों से होती है और समाज में प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि समरसता संकल्प अभियान का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को आपसी भाईचारे और समानता के सूत्र में जोड़ना है। संत रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाकर समाज में सकारात्मक सोच और सामाजिक समरसता को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से भी संत रविदास जी के जीवन और उनके संदेश से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
खुरवाईं और बसाल में यात्रा के स्वागत के दौरान लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने श्रद्धापूर्वक कलश वंदन किया और यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का स्वागत किया। जगह-जगह लोगों ने संत रविदास जी महाराज के जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने संत रविदास जी के बताए मार्ग पर चलने, समाज में आपसी भाईचारा कायम रखने तथा भेदभाव से दूर रहकर मानवता की सेवा करने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के अभियान समाज में एकता और सद्भाव को मजबूत करने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को हमारी महान संत परंपरा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। समरसता संकल्प अभियान एवं कलश वंदन यात्रा के दौरान खुरवाईं और बसाल में उमड़ी भीड़ ने आयोजन के प्रति लोगों की आस्था और उत्साह को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य संत रविदास जी के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित करना रहा। इस मौके पर बड़ी संख्या में गणमान्य मौजूद रहे

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