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हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन आज दोपहर 2 बजे से शुरू होगा, जिसमें हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) पर बड़े राजनीतिक घमासान की संभावना है। हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही आज दोपहर 2:00 बजे से शुरू होगी। आज का दिन विधायी कामकाज और राजनीतिक बहसों के लिहाज से बेहद अहम और हंगामेदार रहने के आसार हैं। सदन में आज शून्यकाल और प्रश्नों के साथ-साथ कई भारी-भरकम विधायी कार्य निपटाए जाएंगे।हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) पर घमासान की तैयारीआज सदन में सबसे बड़ा राजनीतिक घमासान हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) को लेकर होने की संभावना है। विपक्षी विधायक भारत भूषण बत्रा, आफताब अहमद, गीता भुक्कल, और अशोक अरोड़ा समेत 17 विधायकों ने HKRN के जरिए हो रही ठेका भर्तियों में धांधली और पारदर्शिता की कमी का मुद्दा उठाते हुए ध्यानाकर्षण सूचना दी है। इसके अलावा, विधायक आदित्य सुरजेवाला ने भी इस विषय पर स्पष्टीकरण मांगने के लिए नोटिस दिया है।सदन में रखे जाएंगे ये अहम बिल और प्रस्ताववॉटर प्रिवेंशन अमेंडमेंट एक्ट पर ऑफिशियल रिजॉल्यूशन: केंद्र सरकार के ‘वॉटर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ पोल्यूशन अमेंडमेंट एक्ट 2024’ को अपनाने के लिए सदन में एक ऑफिशियल रिजॉल्यूशन लाया जाएगा, जिसका उद्देश्य छोटी गलतियों को डि-क्रिमिनलाइज (अपराध की श्रेणी से बाहर) करना है।खाटू श्याम चुलकाना धाम श्राइन बिल: सदन की कार्यवाही के दौरान ‘हरियाणा बाबा श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम श्राइन बिल 2026’ को विचार और पारित कराने के लिए पटल पर रखा जाएगा।

हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों और सुरक्षा कर्मियों (पुलिस) के बीच हुए कथित दुर्व्यवहार का मामला अब राजभवन तक पहुंचने जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक सोमवार को दोपहर 12 बजे लोकभवन में राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेंगे। कांग्रेस विधायकों का आरोप है कि विधानसभा के सत्र में भाग लेने के लिए पहुंचने के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें गेट पर रोका गया।ववाद उस समय और बढ़ गया जब कांग्रेस ने इस मुद्दे को विधानसभा के भीतर उठाया। सदन में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और विधानसभा अध्यक्ष के साथ तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति बिगड़ने पर विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस के आठ विधायकों को नेम किया, जिसके बाद मार्शलों ने उन्हें सदन से बाहर कर दिया।कांग्रेस ने मामले को केवल विधानसभा के भीतर का विवाद मानने की बजाय अब राज्यपाल के समक्ष उठाने का फैसला किया है। हुड्डा के साथ कांग्रेस विधायक राज्यपाल को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपेंगे।इससे पहले सदन में हुए हंगामे ने सरकार और विपक्ष के बीच पहले से चल रहे राजनीतिक टकराव को और तीखा कर दिया है। सत्ता पक्ष का जोर सदन की मर्यादा और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर है।
