प्रिया शर्मा कुल्लू

गरीब किसान लालसिंह एवं फालमा देवी के घर जन्मी दोनों बेटियों में से संध्या कुमारी ने यूजीसी नेट (पाॅल्टीकल) एवं वंदना कुमारी ने पीएचडी की परीक्षा उत्तीर्ण कर इतिहास रच दिया है। जिससे माता-पिता अपनी लाडली बेटीयों पर गर्व महसूस कर रहे है। इन दोनों होनहार बेटियों ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दियोहरी से बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत राजकीय महाविद्यालय कुल्लू से कला स्नातक में डिग्री हासिल की और दोनों बहनों ने एट्रांस टेस्ट दिया।
जिसमें संध्या कुमारी पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ और वंदना कुमारी सरकारी युनिवर्सिटी शिमला के लिए चयनित हुई और स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू की इसी दौरान संध्या ने प्रतिष्ठित यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने परिवार, शिक्षकों और संस्थान का नाम रोशन किया है जबकि बंदना ने पीएचडी की परीक्षा उत्तीर्ण कर घाटी का नाम रोशन किया। यह उपलब्धि न केवल उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि निरंतर प्रयास, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। संध्या ने कहा, कि जो माता-पिता अपनी बेटियों पर भरोसा करते हैं और उनके लिए त्याग करते हैं, बेटियाँ उस विश्वास को अपनी मेहनत और सफलता से पूरी तरह सार्थक बना सकती है। यह जरूरी नहीं कि हर लड़की बाहर जाकर बिगड़ जाए, कई लड़कियां अपने माता-पिता के सपनों को याद रखकर पूरे समर्पण के साथ पढ़ाई करती हैं। संध्या ने इस उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने माता-पिता, परिवार और शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता का अटूट विश्वास और निरंतर सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा रहा है। साथ ही उन्होंने अपने शिक्षकों का भी विशेष आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और सही दिशा ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। उन्होंने अन्य छात्राओं से भी अपील की कि वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, खुद पर भरोसा रखें और शिक्षा को अपना सबसे मजबूत हथियार बनाएं। संध्या की यह सफलता समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है। यदि बेटियों को सही अवसर, समर्थन और विश्वास मिले, तो वे न सिर्फ अपने परिवार की उम्मीदों पर खरी उतरती हैं, बल्कि पूरे समाज का भविष्य भी उज्ज्वल बना सकती हैं।

