नूरपुर- भूषण शर्मा

हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स और विधवा अनाथ सेस का मुद्दा गरमाया हुआ है! हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक बार फिर एंट्री टैक्स का मुद्दा उठा! सदन के भीतर पक्ष विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली!पूरे मुद्दे पर कांग्रेस नेता व पूर्व कांग्रेस प्रदेश प्रवका ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एंट्री टैक्स के इतना नहीं बड़ा है जितना इस पर शोर मचाया जा रहा है!सुदर्शन शर्मा ने भाजपा पर हर बात पर राजनीति करने का आरोप लगाया है!
सुदर्शन शर्मा ने इस मुद्दे पर भाजपा और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर तीखा पलटवार किया है!उन्होंने कहा कि भाजपा हर बात पर अड़ जाती है और हर मुद्दे पर राजनीति करने की कोशिश करती है!उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भी हर विषय को राजनीतिक रंग देने में लगे हुए हैं! राज्य सरकार प्रदेश के हित में निर्णय ले रही है! सुदर्शन शर्मा ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने एंट्री टैक्स को केवल फास्टैग प्रणाली के साथ जोड़ा है!इसके चलते एंट्री टैक्स में कुछ बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन वास्तविकता यह है कि टैक्स उतना नहीं बढ़ा है जितना शोर मचाया जा रहा है!कांग्रेस नेता ने कहा कि यह कोई नई व्यवस्था नहीं है! पिछले लगभग 40 वर्षों से एंट्री टैक्स की व्यवस्था लागू है! उन्होंने कहा कि कीमतों में सामान्य वृद्धि को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है. और भाजपा इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है! सुदर्शन शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि जयराम ठाकुर प्रधानमंत्री से मिलकर रोते हैं, जबकि उन्हें प्रधानमंत्री से RDG दिलाने के मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए थी! सुदर्शन शर्मा ने कहा की जयराम ठाकुर ने संसद के बाहर जाकर बयान दिया कि सरकार ने अनाथ और विधवा सेस लगा दिया है! सुदर्शन शर्मा ने कहा कि अभी केवल सेस लगाने का अधिकार देने वाला बिल पास हुआ है! उन्होंने कहा कि राज्यपाल की अनुमति के बाद एक्ट बनेगा और सरकार के पास सेस लगाने का अधिकार होगा! उन्होंने कहा कि राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद सरकार यह तय करेगी कि सेस लगाया जाना है या नहीं! सेस अधिकतम सीमा पांच रुपये तय की गई है.!सुदर्शन शर्मा ने कहा कि सरकार चाहें तो दो पैसे या पांच पैसे तक का सेस भी लगा सकती है!इसलिए इस मुद्दे पर अनावश्यक भ्रम फैलाना उचित नहीं है!
