कुरुक्षेत्र-अश्विनी वालिया

प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर उठ रहे सवाल अब और गंभीर होते नजर आ रहे हैं। आमजन के साथ-साथ पत्रकार भी अधिकारियों की “फोन न उठाने” और जवाबदेही से बचने की प्रवृत्ति से परेशान हैं। लोगों का आरोप है कि अधिकारी न तो कॉल रिसीव करते हैं, न ही व्हाट्सएप संदेशों और एसएमएस का जवाब देते हैं, जिससे जनसमस्याएं लगातार लंबित पड़ी रहती हैं।
प्रेस वेलफेयर ट्रस्ट ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट व पंजाब केसरी के वरिष्ठ पत्रकार कपिल शर्मा ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अधिकारियों द्वारा प्रेस के सवालों का जवाब न देना असंवैधानिक और गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने कहा कि पत्रकार जनता की आवाज होते हैं और उनके सवालों की अनदेखी करना आमजन की समस्याओं को नजरअंदाज करना है।
उन्होंने बताया कि इस गंभीर विषय को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी, जिसमें अधिकारियों की कार्यशैली और उनकी जवाबदेही का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस मामले में ठोस कदम उठाएगी और अधिकारियों को जनता व मीडिया के प्रति जिम्मेदार बनाने के निर्देश देगी।

