चंडीगढ़-पुनीत महाजन

चंडीगढ़ के सेक्टर 16-डी स्थित मकान नंबर 716 से एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है, जहाँ सीपीडीएल (CPDL) बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार संबंधित उपभोक्ता को पहले ही विभाग की ओर से एनओसी (NOC) जारी की जा चुकी है और सभी लंबित बिजली बिलों का पूर्ण भुगतान भी कर दिया गया है, अब यह समझ में नहीं आता है कि यह लापरवाही है या बिल में प्रिंटिंग में कोई गलती हो रही है जिसका स्पष्ट अर्थ है कि खाते में कोई बकाया शेष नहीं था। इसके बावजूद विभाग द्वारा लगातार उसी नाम पर बिजली के बिल जारी किए जा रहे हैं, जो न केवल हैरान करने वाला है बल्कि नियमों के भी विरुद्ध है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि संबंधित मकान में वर्तमान समय में बिजली का मीटर तक स्थापित नहीं है, फिर भी बिजली खपत और यहां तक कि सोलर चार्ज जैसे मदों को जोड़कर बिल तैयार किया जा रहा है। यह स्थिति विभागीय रिकॉर्ड में गंभीर खामियों और लापरवाही की ओर इशारा करती है, जिससे उपभोक्ता को बेवजह आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले ने बिजली विभाग की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। स्थानीय निवासी और पीड़ित उपभोक्ता ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य उपभोक्ता को इस प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े।



