Wednesday, April 15, 2026
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नूरपुर नगरपरिषद चुनाव में बढ़ी हलचल, महिलाओं को अधिक सीटें; शहरवासी विकास के लिए नए नेतृत्व की तलाश में

नूरपुर –भूषण शर्मा

नगरपरिषद नूरपुर का रोस्टर जारी होते ही शहर में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नूरपुर नगरपरिषद के कुल 9 वार्डों में इस बार महिलाओं के लिए अधिक सीटें आरक्षित की गई हैं, जिससे चुनावी समीकरण पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं।
शहरवासियों का कहना है कि नूरपुर में व्यापार, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं के लिहाज से विकास अपेक्षाकृत धीमा रहा है। लोगों का आरोप है कि विभिन्न राजनीतिक दलों ने समय-समय पर नूरपुर के विकास को नजरअंदाज किया है, जिसके चलते शहर आज भी कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।
इसी बीच स्थानीय लोग स्वर्गीय राकेश महाजन को याद कर रहे हैं। शहरवासियों का कहना है कि उन्होंने हमेशा राजनीति से ऊपर उठकर नूरपुर के विकास के लिए कार्य किया। दशहरा और जन्माष्टमी जैसे बड़े आयोजनों की शुरुआत उनके प्रयासों से हुई, जिन्हें उनका परिवार आज भी निरंतर आगे बढ़ा रहा है। हाल के वर्षों में दो दिवसीय होली उत्सव—फूलों की होली और रंगों की होली—का आयोजन भी इसी परिवार की पहल का परिणाम बताया जा रहा है।
शहर में अब यह चर्चा तेज है कि आगामी नगरपरिषद चुनाव में स्वर्गीय राकेश महाजन के परिवार को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। स्थानीय लोगों का मानना है कि यही परिवार नूरपुर की खोई हुई रौनक को वापस ला सकता है।
इसी कड़ी में स्वर्गीय राकेश महाजन की पुत्रवधू नीति महाजन का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। लोगों के अनुसार नीति महाजन शिक्षित एवं समाजसेवी छवि की महिला हैं, जो आम जनता की समस्याओं को समझती हैं। हालांकि बताया जा रहा है कि वे स्वयं चुनाव लड़ने के प्रति इच्छुक नहीं हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का दबाव और समर्थन उन्हें चुनाव मैदान में उतार सकता है।
शहरवासियों का मानना है कि यदि नूरपुर की पुरानी पहचान और रौनक को फिर से स्थापित करना है, तो ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो राजनीति से ऊपर उठकर कार्य करे और जनता की आवाज बने। ऐसे में आने वाले नगरपरिषद चुनाव में नूरपुर की जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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