ऊना-शिवानी ठाकुर

परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी की संस्था ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के तत्वावधान में आज ऊना शहर में श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष आध्यात्मिक आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के पवित्र अंश दर्शन हेतु ऊना लाए जा रहे हैं।
जानकारी देते हुए मीडिया प्रभारी टेक चंद बैंस ने बताया कि बैंगलोर से स्वामी विरूपाक्ष स्वयं इन प्राचीन एवं दिव्य अवशेषों को लेकर आज सायं 5 बजे ऊना स्थित रक्कड़ कॉलोनी के सत्वा कॉम्पलेक्स (पीएनबी बैंक के नज़दीक) पहुंची।
जिला समन्वयक स्वाति शुक्ला ने कहा कि शहरवासियों ने इस पावन अवसर पर भगवान महादेव के दर्शन का लाभ उठाया उन्होंने बताया कि यह वही शिवलिंग है, जिसे पौराणिक मान्यता के अनुसार चंद्रदेव ने भगवान शिव के सम्मान में पृथ्वी पर स्थापित किया था।
सोमनाथ की अनकही कथा
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माना जाता है, जो गुजरात की पावन भूमि पर स्थित है। इतिहास के अनुसार महमूद गजनवी ने 1026 ईस्वी में कई आक्रमणों के बाद इस मंदिर को क्षतिग्रस्त किया था। उस समय कुछ साहसी पुजारियों ने शिवलिंग के अंशों को सुरक्षित रखते हुए दक्षिण भारत में संरक्षित किया।
करीब एक हजार वर्षों तक इन पवित्र अंशों को गुप्त रूप से सुरक्षित रखा गया। वर्ष 1924 में कांचीपीठ के शंकराचार्य के निर्देशानुसार इसे और समय तक गुप्त रखा गया। अंततः वर्ष 2025 में अंतिम संरक्षक श्री सीनागय शास्त्री जी ने इसे बैंगलोर आश्रम में गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी को समर्पित किया।
बताया जाता है कि इस शिवलिंग में विशेष ऊर्जा और चुंबकीय गुण मौजूद हैं, जिसकी वैज्ञानिक स्तर पर भी जांच की गई है।
यह ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अवसर ऊना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां श्रद्धालु भगवान शिव के दिव्य अंशों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे।
इस मौके पर उपस्थित रहे:
एच. एस. मनकोटिया – वरिष्ठ शिक्षक
स्वाति शुक्ला – जिला समन्वयक
अभिषेक – सरपंच
एस. के. शर्मा – शिक्षक
मुनीश कौशल – शिक्षक
टेक चंद बैंस – मीडिया प्रभारी के साथ साथ अन्य स्थानीय लोग व अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।



