शिमला –टीना ठाकुर

अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य सचिव फालमा चौहान ने सरकार द्वारा गायनी ओपीडी को आईजीएमसी में आनन-फानन में स्थानांतरित करने के फैसले को गलत करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक ही विभाग का विभाजन कर दिया है, जबकि गायनी और प्रसूति विभाग एक-दूसरे के पूरक हैं और इन्हें अलग करना मरीजों के हित में नहीं है।
फालमा चौहान ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी है, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया, जबकि इससे हजारों महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में मरीजों को आईजीएमसी से कमला नेहरू अस्पताल तक जाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें अनावश्यक दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
उन्होंने बताया कि पहले ही दिन आईजीएमसी में निर्धारित गायनी के चार ऑपरेशन सुविधाओं के अभाव में नहीं हो सके और अंततः उन मरीजों के ऑपरेशन कमला नेहरू अस्पताल में ही करने पड़े। इसे उन्होंने सरकार की बड़ी विफलता बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार जबरदस्ती इस विभाग को प्रसूति विभाग से अलग कर रही है।
फालमा चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री को अधिकारियों के बजाय गायनी और प्रसूति क्षेत्र के विशेषज्ञों व जानकारों से सलाह लेनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले उसके संभावित परिणामों का गहन अध्ययन किया जाना जरूरी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि इस फैसले के विरोध में जनवादी महिला समिति और शिमला के विभिन्न जनसंगठन, जिन्होंने 13 अप्रैल को भी प्रदर्शन किया था, अब 30 अप्रैल को आईजीएमसी के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे।

