शिमला –टीना ठाकुर

महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासत अपने चरम पर पहुंच गई है। केशव चौहान, जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी शिमला, ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पारित होने की दहलीज पर था, लेकिन कांग्रेस और विपक्षी दलों ने मिलकर इसे रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस जैसे दलों के साथ मिलकर कांग्रेस ने “ऐड़ी से चोटी तक जोर” लगाकर इस बिल को पास नहीं होने दिया।
केशव चौहान ने कहा कि कांग्रेस महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ काम कर रही है और देश में पुरुष प्रधान व्यवस्था को बनाए रखना चाहती है, जिससे भ्रष्टाचार और अत्याचार को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने यह तक कह दिया कि महिलाओं की अधिक भागीदारी से संविधान कमजोर हो सकता है, जो उनकी सोच को स्पष्ट करता है। चौहान ने यह भी कहा कि जहां नरेंद्र मोदी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस महिलाओं की राह में रोड़ा बन रही है।
अंत में उन्होंने प्रदेश की महिलाओं से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर कांग्रेस सरकार का विरोध करें, अन्यथा आने वाले समय में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़ सकते हैं और सरकार अपनी सीमाएं पार कर सकती है।

