दैनिक जागो वर्ल्ड ! ऊना , ब्यूरो रिपोर्ट

ऊना शहर में आवारा कुत्तों के लगातार बढ़ते आतंक और लोगों पर हो रहे हमलों को लेकर स्थानीय विधायक एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने चंद्रलोक कॉलोनी में एक महिला पर आवारा कुत्तों के हमले की घटना पर दुख जताते हुए कहा कि यह बेहद गंभीर और चिंताजनक स्थिति है, जिसे प्रशासन हल्के में नहीं ले सकता।
सत्ती ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही एक छह वर्षीय मासूम बच्ची पर आवारा कुत्तों ने हमला कर उसे घायल कर दिया था। उस घटना को लेकर लोगों में रोष व्याप्त था और अब एक महिला के घायल होने का मामला सामने आने से स्पष्ट हो गया है कि शहर में आवारा कुत्तों की समस्या लगातार विकराल होती जा रही है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं सामने आ सकती हैं।

उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने नगर परिषद ऊना को उसका कार्यकाल पूरा होने से पहले ही भंग कर दिया और इसके बाद पूरे शहर को प्रशासनिक व्यवस्था के भरोसे छोड़ दिया गया। लेकिन प्रशासन लोगों की मूलभूत समस्याओं के समाधान में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारी एयर कंडीशन कमरों में बैठकर काम चला रहे हैं, जबकि शहर की जनता रोजाना विभिन्न समस्याओं से जूझ रही है। आम लोगों की सुरक्षा और सुविधाओं के प्रति प्रशासन का रवैया उदासीन बना हुआ है।

विधायक ने कहा कि शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए। साथ ही इनके नसबंदी और पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों की सुरक्षा को खतरा न रहे। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए तत्काल ठोस और परिणामकारी कदम उठाए जाएं।

सत्ती ने कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी नागरिक को अपने ही शहर में भय के माहौल में जीवन व्यतीत करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए जल्द कार्ययोजना बनाकर उसे धरातल पर लागू करने की मांग की।
