
बंगाणा
उपमंडल बंगाणा की ग्राम पंचायत जसाना में स्वर्गीय देवराज शर्मा एवं स्वर्गीय रतनी देवी की पुण्य स्मृति में आयोजित तीसरी श्रीराम कथा के दूसरे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण का अद्भुत संगम देखने को मिला। खुशी राम शर्मा, मौजी राम शर्मा एवं सोमदत्त शर्मा परिवार की ओर से आयोजित इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर कथा श्रवण किया और भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कथा के दूसरे दिन कथा व्यास आचार्य श्री सुनील वशिष्ठ ने श्रीराम कथा का रसपान कराते हुए कहा कि श्रीराम कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक ज्ञान का अमृत है, उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन मर्यादा, त्याग, सत्य, कर्तव्य और धर्म का संदेश देता है। यदि प्रत्येक व्यक्ति श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाए तो परिवार, समाज और राष्ट्र में सुख, शांति और समृद्धि का वातावरण स्थापित हो सकता है।
आचार्य सुनील वशिष्ठ ने अपने प्रवचन के दौरान गोस्वामी श्री तुलसीदास द्वारा रचित सात महत्वपूर्ण श्लोकों का विस्तार से वर्णन करते हुए उनके आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन श्लोकों में मानव जीवन को सफल और सार्थक बनाने का गहन संदेश छिपा हुआ है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे केवल कथा सुनने तक ही सीमित न रहें, बल्कि उसमें बताए गए आदर्शों और संस्कारों को अपने जीवन में भी उतारें। कथा व्यास ने कहा कि जीवन में केवल श्राद्ध करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके साथ विश्वास भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास से ही ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। यदि मन में आस्था, सेवा सत्कर्म की भावना हो तो व्यक्ति का जीवन स्वयं ही सफल हो जाता है। उन्होंने कहा कि धर्म का वास्तविक उद्देश्य मानवता की सेवा, सत्य का पालन और समाज में सद्भाव स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि आज के समय में श्रीराम कथा जैसे धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने का कार्य कर रहे हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और नैतिक मूल्यों की जानकारी मिलती है, जिससे समाज में संस्कारों का संरक्षण होता है।
कथा के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालु भगवान श्रीराम के जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बनाते रहे।
इस अवसर पर डॉ. मनोज शर्मा, महिंद्र सिंह, अनिल शर्मा, लक्की शर्मा, विनय शर्मा, अंकुश शर्मा, सुमित शर्मा, पंडित शिव कुमार, पंडित प्रवीण शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय देवराज शर्मा एवं स्वर्गीय रतनी देवी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार द्वारा आयोजित इस धार्मिक आयोजन की सराहना की।
आयोजक परिवार ने कथा में पहुंचे सभी श्रद्धालुओं, अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, पारिवारिक एकता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने सभी से आगामी दिनों में भी कथा एवं धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।

