दैनिक जागो वर्ल्ड शिमला

शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया सोमवार को भाजपा और कांग्रेस सदस्यों के अनुपस्थित रहने के कारण टल गई।

जिला परिषद शिमला के गठन के लिए सोमवार को प्रशासन ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की तिथि तय की थी। चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां भी पूरी कर ली थीं, लेकिन भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के सदस्य बैठक में शामिल होने नहीं पहुंचे। इसके चलते चुनाव प्रक्रिया नहीं हो सकी। अब जिला प्रशासन नई तिथि तय कर चुनाव करवाएगा।जिला परिषद चुनाव 31 मई को संपन्न हो चुके हैं, लेकिन दो महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद अब तक जिला परिषद का गठन नहीं हो पाया है। अध्यक्ष पद को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच सियासी खींचतान लगातार जारी है और किसी भी पक्ष के पास स्पष्ट बहुमत नहीं होने से मामला उलझा हुआ है।

मोजुदा स्थिति में कुल 25 में से भाजपा के पास 11 जिला परिषद सदस्यों का समर्थन है, जबकि कांग्रेस के साथ 10 सदस्य हैं। भाजपा को एक निर्दलीय सदस्य का समर्थन मिलने का दावा किया जा रहा है, वहीं कांग्रेस भी एक निर्दलीय सदस्य के अपने पक्ष में होने की बात कह रही है। ऐसे में अब शेष दो निर्दलीय सदस्यों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। रा जनीतिक जानकारों का मानना है कि यही दो निर्दलीय सदस्य जिला परिषद की सत्ता की तस्वीर तय करेंगे। दोनों दल लगातार अपने-अपने पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिश में लगे हैं। इसी वजह से अभी तक जिला परिषद का गठन नहीं हो सका है।अब सबकी नजर जिला प्रशासन की ओर से घोषित की जाने वाली अगली चुनाव तिथि पर है। नई तारीख तय होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि जिला परिषद शिमला की कमान भाजपा के हाथ लगेगी या कांग्रेस बाजी मारने में सफल होगी।
