दैनिक जागो वर्ल्ड चंडीगढ़

चंडीगढ़ की ड्राफ्ट मतदाता सूची में जून 2024 से अगस्त 2026 के बीच 2.09 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जो कुल का 31.76% है। सांसद मनीष तिवारी ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि प्रशासन ने 1.37 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी किए हैं।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत तैयार ड्राफ्ट मतदाता सूची के आंकड़ों में चंडीगढ़ में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा किया गया है।जून 2024 के लोकसभा चुनाव के समय शहर में 6,59,805 मतदाता थे, जबकि 2 अगस्त 2026 में एसआईआर की ड्राफ्ट सूची में यह संख्या 4,50,282 रह गई है। यानी 2,09,523 मतदाताओं के नाम हटे हैं, जो कुल मतदाताओं का 31.76 प्रतिशत है। वहीं 35 वार्डों में औसतन 33.72 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटे हैं।

सांसद मनीष तिवारी की ओर से उपलब्ध वार्डवार आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक 52.76 प्रतिशत वोट वार्ड-6 में काटे गए हैं। वार्ड नंबर -6 से पार्षद पूर्व मेयर सरबजीत कौर ढिल्लो है।इस एरिया में मनीमाजरा के शिवालिक इंकलेव, शांति नगर,गाेबंदपुरा, माडीवाला टाउन और उप्पल मार्बल आर्च का एरिया शामिल है।इसके बाद वार्ड-24 में 46.08 प्रतिशत,(सेक्टर-36, 42, 53,54) वार्ड-30 (सेक्टर-41, बुटरेला, बढ़हेड़ी)में 45.48 प्रतिशत, वार्ड-12 में 42.93 प्रतिशत, वार्ड-18 में 42.89 प्रतिशत, वार्ड-33 में 42.78 प्रतिशत, वार्ड-2 में 42.26 प्रतिशत, वार्ड-8 में 41.48 प्रतिशत और वार्ड-20 में 40.61 प्रतिशत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।सांसद मनीष तिवारी का कहना है कि जब उन्होंने जून 2024 में लोकसभा चुनाव लड़ा और जीता था, तब चंडीगढ़ में 6,59,805 मतदाता थे। अब ड्राफ्ट मतदाता सूची में यह संख्या घटकर 4,50,282 रह गई है। करीब 2.09 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।वार्डों में औसतन 33.72 प्रतिशत और कुल मिलाकर 31.76 प्रतिशत मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं। कुछ वार्डों में 46 से 52 प्रतिशत तक नाम हटाए गए हैं, जो बेहद चिंताजनक है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।एसआईआर के बाद प्रशासन ने इनमें 69,461 नोटिस उन लोगों को भेजे गए हैं जिन्होंने पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित आवश्यक लिंक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। वहीं 68,353 नोटिस नाम की वर्तनी, अभिभावक या परिवार के विवरण में विसंगति जैसी त्रुटियों के कारण जारी किए गए हैं।उपायुक्त ने निर्देश दिए कि हर नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाता को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाए। बिना पूरी जांच और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन किए किसी भी मतदाता का नाम नहीं हटाया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 22 सितंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें
