Sunday, September 6, 2026
HomeNation WisePunjabपंजाब विधानसभा में मनरेगा फंड पर गरमाई बहस, स्पीकर ने अमेरिका और...

पंजाब विधानसभा में मनरेगा फंड पर गरमाई बहस, स्पीकर ने अमेरिका और इथेनॉल पर कसा तंज

दैनिक जागो वर्ल्ड पंजाब

पंजाब विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मनरेगा फंड, दूषित पेयजल, राशन वितरण और सीवरेज बिल के मुद्दों पर सरकार घिरी। स्पीकर की इथेनॉल संबंधी टिप्पणी चर्चा का केंद्र रही।

 पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन प्रश्नकाल के दौरान जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। मनरेगा कर्मचारियों के लंबित वेतन, दूषित पेयजल, राशन वितरण और सीवरेज बिल जैसे मुद्दों पर सदन में जोरदार बहस हुई।मनरेगा फंड को लेकर स्पीकर कुलतार सिंह संधवां की टिप्पणी और दूषित पानी पर आम आदमी पार्टी की विधायक नरेंद्र कौर भराज के तेवर चर्चा का केंद्र रहे। विधायक संदीप जाखड़ ने मनरेगा के जीआर, ग्राम सेवकों और अन्य कर्मचारियों को छह महीने से वेतन नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि जब राज्य सरकार के पास बफर फंड है तो उसका इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया।ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने जवाब में कहा कि मनरेगा स्टाफ का वेतन मई 2026 तक जारी किया जा चुका है, लेकिन जीआर और ग्राम सेवकों का भुगतान केंद्र सरकार से फंड नहीं मिलने के कारण लंबित है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार कई बार केंद्र को पत्र लिख चुकी है।

24 जुलाई 2026 को उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) भी भेज दिया गया, लेकिन अब तक राशि जारी नहीं हुई। राज्य सरकार अपने हिस्से के करीब 54 करोड़ रुपये पहले ही जारी कर चुकी है।मंत्री ने कहा कि नई 60:40 फंडिंग व्यवस्था से राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ा है। कर्मचारियों के धरने राज्य सरकार के खिलाफ हो रहे हैं, जबकि फंड केंद्र सरकार जारी नहीं कर रही।इस दौरान संदीप जाखड़ ने मुख्यमंत्री के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें केंद्र पर पंजाब के 20 हजार करोड़ रुपये रोकने का आरोप लगाया गया था। इसी पर स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने तंज कसते हुए कहा, “क्या केंद्र ने जो पैसे काटे हैं, उससे अमेरिका से एथेनॉल खरीदना है?” स्पीकर की टिप्पणी के बाद सदन में कुछ देर तक हलचल रही।आम आदमी पार्टी की विधायक नरेंद्र कौर भराज ने अपने क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि गंदे पानी की सप्लाई से डायरिया के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन अधिकारी जमीनी हालात देखने के बजाय एसी कमरों में बैठकर जवाब तैयार कर रहे हैं। भराज ने मंत्री हरजोत सिंह बैंस से कहा कि अपनी टीम को मौके पर भेजिए, मैं भी साथ चलूंगी, तब पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और शिकायत वाले क्षेत्रों में अधिकारियों को भेजकर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने 125 वर्ग गज तक के प्लाटों के सीवरेज बिल माफी का मुद्दा उठाया। मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने स्पष्ट किया कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है। सिद्धू ने कहा कि इस कारण लोगों में भ्रम है और मामला अदालत तक पहुंच चुका है।

RELATED ARTICLES

Most Popular