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चंडीगढ़ के चर्चित ‘हेडमास्टर्स’ सैलून के संचालक वीर कौल और परमिंदर कौर पर 1.65 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। उन्होंने ब्रांड के एक्सक्लूसिव अधिकार देने का झांसा देकर शिकायतकर्ता से पैसे लिए, जबकि ट्रेडमार्क पहले ही किसी और को हस्तांतरित कर चुके थे।

चंडीगढ़ के चर्चित ब्यूटी सैलून ब्रांड ‘हेडमास्टर्स’ के नाम पर 1.65 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने सैलून संचालक वीर कौल और उनकी पत्नी परमिंदर कौर उर्फ पम्मी कौल के खिलाफ सेक्टर-3 थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक षड्यंत्र और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैंपुलिस के अनुसार सेक्टर-8 स्थित हेयर रेजर्स एलएलपी के पार्टनर मुनीश बजाज की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वीर कौल और उनकी पत्नी सेक्टर-8सी स्थित हेडमास्टर्स सैलून का संचालन करते थे और मकान मालिक के एक करोड़ रुपये से अधिक के बकाया किराये के विवाद में फंसे हुए थे।इसी दौरान उन्होंने शिकायतकर्ता को विश्वास में लेकर अपने बकाया किराये का भुगतान करवाने और बदले में हेडमास्टर्स ब्रांड के चंडीगढ़ में एक्सक्लूसिव अधिकार देने का प्रस्ताव दिया।

शिकायत के अनुसार 20 मार्च 2024 को हुए त्रिपक्षीय समझौते के तहत शिकायतकर्ता ने आरोपितों की ओर से मकान मालिक को 1.15 करोड़ रुपये का बकाया किराया अदा किया।उसी दिन हुए एक अलग समझौता ज्ञापन (एमओयू) में वीर कौल ने स्वयं को हेडमास्टर्स ट्रेडमार्क का मालिक बताते हुए चंडीगढ़ में ब्रांड के विशेष अधिकार देने का वादा किया। इसके एवज में एक करोड़ रुपये तय किए गए, जिनमें से 50 लाख रुपये विभिन्न किश्तों में परमिंदर कौर के बैंक खाते में जमा कराए गए।एफआईआर के अनुसार बाद में शिकायतकर्ता को पता चला कि आरोपित वर्ष 2020 में ही हेडमास्टर्स ब्रांड से जुड़े विभिन्न ट्रेडमार्क और कारोबारी अधिकार गिल्ज ग्रुप ब्यूटी एंड वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड के नाम हस्तांतरित कर चुके थे।इसके बावजूद उन्होंने इस तथ्य को छिपाकर शिकायतकर्ता से एक्सक्लूसिव अधिकार बेचने के नाम पर करोड़ों रुपये ले लिए। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपितों ने पहले से किए गए ट्रेडमार्क हस्तांतरण की जानकारी जानबूझकर छिपाई और एक सुनियोजित साजिश के तहत शिकायतकर्ता से 1.65 करोड़ रुपये हासिल किए।एफआईआर में यह भी आरोप है कि जब शिकायतकर्ता ने पूरा मामला सामने आने के बाद अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपितों ने राशि लौटाने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने तथा चंडीगढ़ में सुरक्षित नहीं रहने देने की धमकी भी दी गई।सेक्टर-3 थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान समझौतों, बैंक लेन-देन, ट्रेडमार्क हस्तांतरण के दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
