दैनिक जागो वर्ल्ड !मणिमहेश

उत्तर भारत की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा में इस बार महिलाओं के डल झील और कमलकुंड में स्नान पर रोक लगा दी गई है। यह निर्णय पुजारियों ने प्राचीन परंपराओं और 2025 की आपदा का हवाला देते हुए लिया है।उत्तर भारत की प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा में इस बार आस्था और परंपराओं से जुड़ा एक बड़ा बदलाव कर दिया गया है। यात्रा के दौरान महिला श्रद्धालु पवित्र मणिमहेश डल झील और कमलकुंड में आस्था की डुबकी नहीं लगा सकेंगी। नई व्यवस्था के तहत महिला यात्री केवल पवित्र डल झील की परिक्रमा कर चरणामृत ग्रहण कर सकेंगी, जबकि उनके लिए स्नान की पूरी व्यवस्था गौरीकुंड में ही रहेगी।

हालांकि, इस विषय पर प्रशासन ने किसी भी तरह की सीधी प्रतिक्रिया या प्रशासनिक आदेश जारी करने से पूरी तरह किनारा कर लिया है। प्रशासन का स्पष्ट रुख है कि डल झील में स्नान की मर्यादाओं और नियमों में बदलाव का यह फैसला पूर्णतया पुजारियों का अपना धार्मिक निर्णय है।इससे पूर्व मणिमहेश डल झील के किनारे बाकायदा टेंट और अस्थायी चेंजिंग रूम लगाकर महिला श्रद्धालुओं के स्नान की सुविधा दी जाती रही थी। सदियों से यह परंपरा चली आ रही थी।2025 की आपदा का हवाला देकर निर्णयपुजारियों ने वर्ष 2025 में यात्रा के दौरान आई प्राकृतिक आपदा के उपरांत प्राचीन धार्मिक मर्यादाओं और मान्यताओं का हवाला देते हुए डल झील यानी शिव कुंड और कमलकुंड में महिलाओं के सीधे स्नान पर रोक लगाने का मत रखा।
