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पंजाब विधानसभा के तीसरे दिन गुरु ग्रंथ साहिब संशोधन विधेयक, ईडी कार्रवाई और विपक्ष के हंगामे पर सदन गरमाया। सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन की शुरुआत एक बार फिर जोरदार हंगामे के साथ हुई। कांग्रेस के विधायक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन पहुंचे। पहले की तरह विपक्षी विधायक गले में काले पटके पहनकर विधानसभा पहुंचे और आरोप लगाया कि पिछले दिनों उनके साथ धक्का-मुक्की की गई थी। इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की वहीं, शून्य काल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब संशोधन विधेयक-2026 को लेकर सरकार व विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान अकाली दल की विधायक गनीव कौर मजीठिया ने भी श्री अकाल तख्त साहिब का हवाला देते हुए टिप्पणियां की। जिसे स्पीकर ने बाद में सदन की कार्रवाई से हटाने के लिए निर्देश दे दिए।

विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने विरोध को शांत करने के लिए कहा कि सदन सभी विधायकों का सम्मान करता है और यदि किसी सदस्य के साथ अभद्र व्यवहार हुआ है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने भी कहा कि यदि किसी विधायक के सम्मान को ठेस पहुंची है तो सरकार इस मामले की जांच करवाने के लिए पूरी तरह तैयार है।इसी दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने जानकारी दी कि नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, विधायक बिक्रमजीत सिंह चौधरी सहित कांग्रेस के अन्य विधायकों की ओर से दो ‘काम रोको’ प्रस्ताव दिए गए थे, लेकिन विधानसभा नियमों के तहत उन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता, इसलिए प्रस्ताव खारिज कर दिए गए।
