Wednesday, October 21, 2026
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उत्तराखंड में गिरफ्तार हुआ फर्जी मेजर, दिल्ली से केरल तक लड़कियों को फंसा करता था ब्लैकमेल

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    हल्द्वानी में मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर एक 20 वर्षीय युवक गिरफ्तार हुआ है। वह AI का उपयोग कर खुद को फर्जी मेजर बताकर लड़कियों को ब्लैकमेल करता था।जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। पुलिस की गिरफ्त में एक ऐसा जेन जी आया है। जो एआइ की मदद से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर खुद को पैरा स्पेशल फोर्स का मेजर बता लड़कियों को अपने जाल में फंसाता था। वीडियोकाल और अन्य माध्यमों से बातचीत के दौरान अंतरंग क्षणों की तस्वीर-वीडियो को मोबाइल में रिकार्ड करने के बाद वह उनसे पैसे भी ऐंठता था।पकड़े जाने के बाद पता चला कि देहरादून, दिल्ली और केरल तक की लड़कियों से उसका संपर्क था। आरोपित के विरुद्ध धोखाधड़ी, पहचान छुपाने आदि आरोपों में केस दर्ज किया गया है। जांच पूरी होने पर फर्जीवाड़े से जुड़ी कई परतें और खुलेंगी।

    एक सितंबर को मिलिट्री इंटेलीजेंस से हल्द्वानी पुलिस को एक युवक की संदिग्ध हरकतों की जानकारी मिली थी। युवक फेसबुक और इंस्टाग्राम पर स्वयं को पैरा स्पेशल फोर्स का मेजर बताता था। एआई और गूगल जेमिनी की मदद से फर्जी फोटो-वीडियो तैयार करने के बाद उसे पोस्ट करता था।इन पोस्ट में वह सेना की ड्रेस पहने और हाथ में हथियार लिए संवेदनशील और खतरे वाली जगहों पर आता-जाता हुआ नजर आता है। पूरा फर्जीवाड़ा इंटरनेट मीडिया के माध्यम से लाेगाें के बीच अपना प्रभाव पैदा करने और लड़कियों को फंसाने के लिए किया गया था। वहीं, सूचना मिलने पर एसएसपी डा. मंजुनाथ टीसी ने एसओजी इंचार्ज मोहन सिंह सौन को गिरफ्तारी के निर्देश दिए।फर्जी मेजर का सुराग मिलने के बाद टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। 20 वर्षीय रोहित सिंह मेहता मूल रूप से ग्राम कानीकोट, तहसील पार्टी जिला चंपावत का रहने वाला है। वर्तमान में वह गोरापड़ाव में रहता था। कब्जे से पुलिस ने दो मोबाइल, आधार-पैन कार्ड और आर्मी का फर्जी आई कार्ड भी बरामद किया है। फोन की जांच करने पर सेना की वर्दी पहने फोटो-वीडियो भी मिल गए।आर्मी की दौड़ नहीं निकाल सका, बताता था मेजरपुलिस पूछताछ में पता चला कि पूर्व में युवक सेना की भर्ती दे चुका है। जवान बनने के लिए शारीरिक क्षमता टेस्ट से गुजरना पड़ता है। लेकिन रोहित दौड़ में ही बाहर हो गया। आरोपित का एक रिश्तेदार युवाओं को फौज की भर्ती की ट्रेनिंग देता है। उसने कई बार रोहित से कहा था कि ट्रेनिंग के लिए उसके पास आए। लेकिन युवक राजी नहीं हुआ।मैं मेजर हूं, वीडियो में चेहरा नहीं दिखाऊंगासूत्रों की माने तो गिरफ्तारी के बाद मोबाइल चेक करने पर पता चला कि 10 से ज्यादा लड़कियों से रोहित बात किया करता था। इनके लिए वह सेना का मेजर था। वीडियो काल के दौरान वह अपना चेहरा नहीं दिखाता था। पूछने पर युवतियों से कहता है कि सेना का मेजर होने की वजह से सुरक्षा कारणों के चलते वह शक्ल नहीं दिखा सकता। हालांकि, युवतियों के फोटो-वीडियो चुपके से रिकार्ड कर लिया करता था। इसके बाद ब्लैकमेलिंग के तौर पर पैसे ऐंठता।

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