
बंगाणा
उपमंडल बंगाणा की ग्राम पंचायत जसाना के गांव जसाना में समाजसेवी स्वर्गीय देवराज शर्मा एवं स्वर्गीय श्रीमती रत्नी देवी की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीराम कथा का सातवां दिन गहरी श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं से ओतप्रोत रहा। कथा व्यास आचार्य श्री श्री सुनील वशिष्ठ जी महाराज ने भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास तथा महाराजा दशरथ के प्राण त्यागने का अत्यंत मार्मिक प्रसंग सुनाया। कथा के दौरान पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा श्रवण करते रहे। कथा व्यास आचार्य सुनील वशिष्ठ जी ने कहा कि भगवान श्रीराम ने पिता के वचन की मर्यादा बनाए रखने के लिए राजसिंहासन का त्याग कर 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जीवन त्याग, सत्य, धर्म और आदर्शों का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि जब श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण वन के लिए अयोध्या से प्रस्थान कर गए तो पुत्र वियोग का दुख महाराजा दशरथ सहन नहीं कर सके और अंततः उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए। कथा के इस भावपूर्ण प्रसंग को सुनकर अनेक श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कथा व्यास ने अपने प्रवचनों में कहा कि श्रीराम का जीवन प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में सत्य, सेवा, संस्कार और परिवार के प्रति समर्पण की भावना अपनानी चाहिए। धर्म और मर्यादा का पालन करने वाला व्यक्ति ही समाज में सम्मान प्राप्त करता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया। स्वर्गीय देवराज शर्मा एवं स्वर्गीय श्रीमती रत्नी देवी की पुण्य स्मृति में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो जाता है और देर शाम तक भक्ति का माहौल बना रहता है। आसपास के गांवों सहित दूर-दराज क्षेत्रों से भी लोग कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। आयोजक परिवार की ओर से पंडित खुशी राम एवं उनकी धर्मपत्नी पवना देवी, मौजी राम एवं बिमला देवी, सोमदत्त शर्मा एवं स्नेहलता, मनोज कुमार एवं सुचेता शर्मा, अनिल कुमार एवं पूजा शर्मा, महिंद्र शर्मा, मोनिका शर्मा, लक्की शर्मा एवं मोनिका शर्मा, विनय कुमार एवं पल्लवी शर्मा, संजीव शर्मा, इंदु शर्मा, शिवांश शर्मा, आयुष शर्मा, पयुष शर्मा, विनायक शर्मा, सुपार्थ शर्मा, वैष्णवी शर्मा सहित समस्त पारिवारिक सदस्य श्रद्धालुओं की सेवा में पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ जुटे हुए हैं।कथा के उपरांत प्रतिदिन भव्य आरती का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होकर भगवान श्रीराम की आराधना करते हैं। आरती के बाद सभी श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई है, जहां प्रेमपूर्वक प्रसाद ग्रहण कराया जा रहा है। आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों और स्वयंसेवकों का भी सराहनीय सहयोग मिल रहा है। वहीं प्रत्येक रात्रि आयोजित होने वाली भजन संध्या भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है,प्रसिद्ध भजन गायकों द्वारा लगातार चार-चार घंटे तक भगवान श्रीराम और हनुमान जी के भजनों का गुणगान किया जा रहा है। देर रात तक चलने वाले भजनों में श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर झूमते नजर आते हैं। पूरा जसाना गांव इन दिनों राममय वातावरण में रंगा हुआ है। सभी गणमान्य श्रद्धालुओं का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में संस्कार, आपसी भाईचारे और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं।आयोजन समिति ने बताया कि श्रीराम कथा आगामी दिनों में भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी तथा अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया गया है।

