Sunday, September 6, 2026
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चंडीगढ़ नगर निगम में बवाल, टेबल एजेंडा से बिल पास कराने पर भड़की AAP; लोकतंत्र के उल्लंघन का लगाया आरोप

दैनिक जागो वर्ल्ड चंडीगढ़

आम आदमी पार्टी ने चंडीगढ़ नगर निगम में भाजपा पर ₹227 करोड़ का प्रस्ताव ‘टेबल एजेंडा’ के माध्यम से जल्दबाजी में पारित कराने का आरोप लगाया है।

आम आदमी पार्टी (AAP), चंडीगढ़ ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि उसने अपने बहुमत का दुरुपयोग करते हुए नगर निगम हाउस में ₹227 करोड़ का प्रस्ताव महज़ दो पन्नों के ‘टेबल एजेंडा’ के माध्यम से अंतिम समय पर प्रस्तुत कर जल्दबाज़ी में पारित करा लिया।पार्टी का कहना है कि इतना बड़ा वित्तीय प्रस्ताव न तो समय रहते पार्षदों के साथ साझा किया गया और न ही उस पर विस्तृत चर्चा का अवसर दिया गया। AAP के अनुसार इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया, पारदर्शिता और जनता के टैक्स के पैसे की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।आज आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी, चंडीगढ़ के अध्यक्ष विजयपाल सिंह, महासचिव ओमकार सिंह औलख, मुख्य प्रवक्ता योगेश धींगरा, कोर कमेटी अध्यक्ष प्रेम गर्ग तथा पूर्व महापौर कुलदीप कुमार ने कहा कि 31 जुलाई 2026 को आयोजित नगर निगम की 363वीं जनरल हाउस बैठक में पंजाब म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट, 1976 (जैसा कि चंडीगढ़ में लागू है) के प्रावधानों की गंभीर अवहेलना की गईपार्टी ने बताया कि अधिनियम की धारा 57 के अनुसार किसी भी बैठक का कार्यसूची सभी पार्षदों को बैठक से कम-से-कम 72 घंटे पहले उपलब्ध कराना अनिवार्य है। वहीं, यदि कोई अतिरिक्त विषय अत्यावश्यक परिस्थितियों में Supplementary List of Business के माध्यम से लाया जाता है, तो Regulation 12 के अनुसार उसे भी बैठक से कम-से-कम 48 घंटे पहले सभी पार्षदों तक पहुंचाना आवश्यक इसके बावजूद ₹227 करोड़ जैसा महत्वपूर्ण वित्तीय प्रस्ताव मात्र दो पन्नों के टेबल एजेंडे के रूप में अंतिम समय पर सदन में रखकर पारित कराया गया, जो अधिनियम की भावना एवं निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत है। इस संबंध में आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने माननीय पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. प्रशासक को औपचारिक शिकायत भी भेजी है।पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा ने ₹227 करोड़ जैसा विशाल वित्तीय प्रस्ताव केवल दो पन्नों के टेबल एजेंडे में समेटकर अंतिम समय पर सदन के पटल पर रखा। पार्षदों को न तो एजेंडा पहले से उपलब्ध कराया गया और न ही उन्हें प्रस्तावों का अध्ययन करने, विशेषज्ञों से राय लेने अथवा वित्तीय एवं तकनीकी पहलुओं की समीक्षा करने का अवसर दिया गया। पार्टी का आरोप है कि भाजपा ने विपक्ष के प्रश्नों और विस्तृत चर्चा से बचने के लिए पूरे मामले को जल्दबाज़ी में आगे बढ़ाया।आम आदमी पार्टी ने कहा कि प्रस्ताव में कई महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियां भी स्पष्ट नहीं हैं। पार्टी ने भाजपा और नगर निगम प्रशासन से सवाल किया कि सेक्टर-39 तथा कजौली वाटर वर्क्स से संबंधित किस पाइपलाइन पर कार्य प्रस्तावित है, इसकी स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई? क्या यह पहले से बिछाई गई पाइपलाइन है या नई लाइन डाली जानी है

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परियोजना में DI (Ductile Iron) पाइप का उपयोग होगा या MS (Mild Steel) पाइप का, पाइप का व्यास क्या होगा, मौजूदा पाइपलाइन की आयु कितनी है तथा उसे बदलने का तकनीकी आधार क्या है—इनमें से किसी भी प्रश्न का उत्तर एजेंडे में उपलब्ध नहीं है। पार्टी का कहना है कि जब जनता के ₹227 करोड़ खर्च किए जाने हों, तब इस प्रकार की बुनियादी तकनीकी जानकारी का अभाव गंभीर चिंता का विषय है।पार्टी नेताओं ने कहा कि यह कोई पहला अवसर नहीं है। इससे पहले भी लगभग ₹190 करोड़ के प्रस्ताव सीमित चर्चा के बीच पारित किए गए थे, जिसका आम आदमी पार्टी ने उस समय भी विरोध किया था।उनका कहना था कि नगर निगम का सदन भाजपा की कार्यकारिणी नहीं, बल्कि चंडीगढ़ की जनता का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है, जहाँ प्रत्येक बड़े वित्तीय निर्णय पर विस्तृत बहस, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना अनिवार्य है।आम आदमी पार्टी ने मांग की कि ₹227 करोड़ के इस प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर नियमित प्रक्रिया के तहत पुनः सदन के समक्ष लाया जाए। पार्टी ने कहा कि परियोजना से संबंधित सभी तकनीकी स्पेसिफिकेशन, डीपीआर (Detailed Project Report), लागत का मदवार ब्यौरा, टेंडर संबंधी जानकारी तथा पूर्व में बिछाई गई पाइपलाइन का पूरा रिकॉर्ड 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक किया जाए, ताकि जनता और पार्षदों के समक्ष पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समयावधि में यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई और विवादित एजेंडा वापस नहीं लिया गया, तो आम आदमी पार्टी इसके विरोध में जोरदार धरना-प्रदर्शन करेगी।पार्टी ने यह भी मांग की कि भविष्य में करोड़ों रुपये के किसी भी वित्तीय प्रस्ताव को ‘टेबल एजेंडा’ के रूप में लाने पर रोक लगाई जाए। ऐसे सभी एजेंडे कम-से-कम 72 घंटे पहले सभी पार्षदों को उपलब्ध कराए जाएं ताकि उनका विधिवत अध्ययन और चर्चा हो सके।साथ ही नगर निगम में टेबल एजेंडा के माध्यम से प्रस्तुत किए जाने वाले प्रस्तावों की अधिकतम वित्तीय सीमा निर्धारित की जाए, जिससे भविष्य में करोड़ों रुपये के महत्वपूर्ण प्रस्ताव अंतिम समय पर टेबल एजेंडा के रूप में लाकर पारित न किए जा सकें।प्रेस वार्ता के समापन पर आम आदमी पार्टी ने कहा कि भाजपा को यह समझना होगा कि नगर निगम सदन किसी एक राजनीतिक दल की बपौती नहीं है। यह चंडीगढ़ की जनता का लोकतांत्रिक सदन है, जहां जनता के टैक्स के प्रत्येक रुपये का हिसाब देना भाजपा और नगर निगम प्रशासन की जिम्मेदारी है।पार्टी ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा, पारदर्शिता और जवाबदेही से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा जनता के हितों की रक्षा के लिए आम आदमी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।

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