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जालंधर में बरामद आइईडी मामले में पाकिस्तान स्थित आतंकी रिंदा, पुर्तगाल से मनु अगवान और बिल्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

जालंधर में आइईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बरामदगी मामले की जांच में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। अब इस मामले में पाकिस्तान में बैठे बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआइ) के आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा सहित उसके सहयोगियों पुर्तगाल में बैठे गुरदासपुर निवासी आतंकी और गैंग्सटर जसविंदर सिंह उर्फ मनु अगवान और मनजिंदर सिंह उर्फ बिल्ला के खिलाफ भी थाना पतारा में विभिन्न धाराओं के तहत एफआइआर दर्ज की गई है जांच में सामने आया है कि रिंदा ने पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक पंजाब भेजे थे, जिनका इस्तेमाल जालंधर समेत पंजाब में बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था।बताया जाता है कि जो आइईडी जालंधर में मिली है, वो ड्रोन के जरिए अमृतसर में फेंकी गई थी, जिसे आतंकियों के साथी ने उठाकर जालंधर में आकर सतबीर, रणजीत और उसके साथियों को दी। काउंटर इंटेलीजेंस और सीआइए देहाती अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपितों को को आइईडी कौन दे गया।

वहीं पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं सतबीर, रणजीत और बाकी साथी खुद अमृतसर जाकर आइईडी तो नहीं लेकर आए। काउंटर इंटेलिजेंस और सीआइए देहाती को मिली सूचना के आधार पर दर्ज एफआइआर में कहा गया है कि पाकिस्तान में बैठा आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा लगातार भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहा है।
आरोप है कि रिंदा अपने विदेशी नेटवर्क और बीकेआइ के सदस्यों के माध्यम से पाकिस्तान सीमा से ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक पंजाब में भिजवा रहा था। इस मामले में गिरफ्तार सतबीर सिंह से पूछताछ में सामने आया कि आइईडी को पंजाब तक पहुंचाने में उसका रिश्तेदार रणजीत सिंह मुख्य भूमिका निभा रहा था।पुलिस का दावा है कि रणजीत ने न केवल विस्फोटक की ढुलाई की, बल्कि अन्य युवकों को भी इस नेटवर्क से जोड़ने का काम किया। वारदात के बाद से रणजीत फरार है और उसकी तलाश में पंजाब के कई जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है।एफआइआर के अनुसार रिंदा के करीबी सहयोगी जसविंदर सिंह उर्फ मनु अगवान और मनिंदर सिंह उर्फ बिल्ला, जो फिलहाल पुर्तगाल में बताया जा रहा है, इन खेपों को अपने पंजाब के नेटवर्क के जरिए हासिल करते थे।इसके बाद इन्हें पंजाब में सक्रिय माड्यूल तक पहुंचाया जाता था। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूरे नेटवर्क का उद्देश्य सरकारी प्रतिष्ठानों और सुरक्षा एजेंसियों को निशाना बनाकर दहशत फैलाना था।26 जुलाई की रात काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर को सूचना मिली कि सतबीर सिंह निवासी गांव पधियाना (आदमपुर) काले रंग की मोटरसाइकिल पर जालपोता से ढंडोर की ओर हथियार और विस्फोटक लेकर जा रहा है।सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी कर दी। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान सतबीर सिंह को पकड़ लिया। तलाशी में उसके कब्जे से आइईडी और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई।
