Wednesday, June 10, 2026
HomeRajnitiभाजपा को नौ सीटों का फायदा; कांग्रेस को छह का नुकसान, 40...

भाजपा को नौ सीटों का फायदा; कांग्रेस को छह का नुकसान, 40 सीटों पर महिलाओं का कब्जा

भाजपा ने पिछले चुनाव के मुकाबले कुल 9 सीटें अधिक जीती हैं।

जागो!शिमला/टीना ठाकुर

हिमाचल प्रदेश में चार नगर निगमों के चुनाव परिणाम से सत्तारूढ़ कांग्रेस को झटका लगा है। चार नगर निगमों के चुनाव परिणामों की समग्र तस्वीर देखें तो भाजपा ने पिछले चुनाव की तुलना में नौ सीटें ज्यादा हासिल की हैं। चार नगर निगमों के चुनाव परिणामों की समग्र तस्वीर देखें तो भाजपा ने पिछले चुनाव की तुलना में नौ सीटें ज्यादा हासिल की हैं, जबकि सत्तारूढ़ कांग्रेस को छह सीटों का नुकसान उठाना पड़ा है। चारों नगर निगमों की कुल 63 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा ने 37 पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस के खाते में 23 सीटें आई हैं। तीन निर्दलीय जीते हैं। पिछले चुनाव यानी 2021 में कुल 64 सीटों में से 28 पर भाजपा, 29 पर कांग्रेस  और 07 पर निर्दलीयों ने जीत दर्ज की थी।उधर, चुनाव में महिला शक्ति ने अपना दबदबा बनाया है। चारों नगर निगमों के कुल 63 वार्डों में से 40 में महिला उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है, जबकि 23 वार्डों में पुरुष उम्मीदवार विजयी रहे हैं। कुल निर्वाचित प्रतिनिधियों में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 63.5 प्रतिशत रही, जो स्थानीय निकायों में महिला नेतृत्व के मजबूत होते प्रभाव का संकेत है। चारों नगर निगमों में महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। विशेष रूप से सोलन, मंडी और पालमपुर में महिला प्रतिनिधियों ने स्पष्ट बढ़त हासिल की, जबकि धर्मशाला में भी महिला उम्मीदवारों की संख्या पुरुषों से अधिक रही।मंडी नगर निगम के 14 वार्डों के परिणामों में 10 सीटों पर महिलाओं ने जीत दर्ज की। खलियार से अलकनंदा हांडा, पुरानी मंडी से सरिता, पड्डल से निर्मल, नेला से नर्मदा देवी, मंगवाई से कृष्णा ठाकुर, पैलेस कॉलोनी-1 से गुरदीप कौर, पैलेस कॉलोनी-2 से सुमन, सुहड़ा से नेहा, धनेहड़ा से रजनी शर्मा और दोहन्धी से रीता देवी विजयी रहीं। वहीं सन्यारड, तल्याहड़, समखेतर और भगवाहन वार्डों में पुरुष उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। कुल मिलाकर मंडी में महिलाओं ने लगभग 71 प्रतिशत सीटों पर कब्जा जमाया। धर्मशाला नगर निगम के 17 में से 9 वार्डों में महिला उम्मीदवार और 8 वार्डों में पुरुष उम्मीदवार विजयी रहे। फरसेटगंज से रेखा देवी, मैक्लोडगंज से आशा देवी, कश्मीर हाउस से नीनू शर्मा, खजांची मोहल्ला से शैलजा, कोतवाली बाजार से करिश्मा, सेक्रेट्रिएट से आशू, खेल परिसर से प्रेरणा, बड़ोल से मीना कुमारी और सिद्धपुर से अनुपम ने जीत दर्ज की। पुरुष उम्मीदवारों ने भागसूनाग, सकोह, श्याम नगर, रामनगर, दाड़ी, कंड, खनियारा और सिद्धबाड़ी वार्डों में सफलता हासिल की। यहां महिला प्रतिनिधित्व 52.9 प्रतिशत रहा।पालमपुर नगर निगम के 15 वार्डों में से 10 सीटों पर महिलाओं ने जीत हासिल की। पालमपुर उपरला से राधा सूद, पालमपुर खास से रणजीत कौर, आईमा से शैली, घुग्गर खिलडू से कविता मिन्हास, बिन्द्रावन से सविता, चौकी से मीनू, मारण्डा से नीलम मलिक, राजपुर से किरणा देवी, टांडा से अंचना और बनूरी से मोनिका शर्मा विजयी रहीं। पालमपुर में महिलाओं की हिस्सेदारी 66.7 प्रतिशत रही। सोलन नगर निगम में महिलाओं ने सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया। 17 वार्डों में से 11 वार्डों पर महिला उम्मीदवार विजयी रहीं। हिमाचल प्रदेश के चार नगर निगमों के चुनाव परिणामों में शहरी मतदाताओं ने सबसे अधिक भरोसा अनुभव और मध्यम आयु वर्ग के नेतृत्व पर जताया है।   कुल 63 निर्वाचित पार्षदों में से 44 प्रतिनिधि 40 वर्ष आयु वर्ग से ऊपर के हैं, जो कुल विजेताओं का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं। वहीं 40 वर्ष से कम आयु के 15 प्रतिनिधि और 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के केवल 4 प्रतिनिधि चुनाव जीतने में सफल रहे हैं। पालमपुर नगर निगम के टांडा वार्ड से निर्वाचित 29 वर्षीय अंचना सबसे युवा पार्षद बनकर उभरी हैं, सोलन नगर निगम के हाउसिंग बोर्ड वार्ड से निर्वाचित 71 वर्षीय सुलक्षणा सबसे वरिष्ठ पार्षद चुनी गई हैं। हालांकि समग्र तस्वीर बताती है कि मतदाताओं ने सबसे अधिक भरोसा 40 से 59 वर्ष आयु वर्ग के उन प्रतिनिधियों पर जताया, जिन्हें युवा जोश और प्रशासनिक परिपक्वता के बीच संतुलन का प्रतीक माना जा रहा है। मंडी नगर निगम सबसे अलग दिखाई देता है। यहां 40 वर्ष से कम आयु का कोई विजेता प्रत्याशी नहीं है। 11 विजेता 41 से 59 वर्ष आयु वर्ग से हैं, जबकि 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के तीन प्रतिनिधि अलकनंदा हांडा (60), सरिता (65) और विरेन्द्र सिंह आर्य (62) ने जीत दर्ज की। 

RELATED ARTICLES

Most Popular