दैनिक जागो वर्ल्ड!भोजपुर

भोजपुर जिले के तरारी प्रखंड में जिले की पहली चीनी मिल खुलेगी, जिसके लिए बिहटा मौजा में 100 एकड़ जमीन का चयन किया गया है। यह पहल हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी और जिले में आर्थिक समृद्धि लाएगी, जिससे क्षेत्र का तेजी से विकास होगा।भोजपुर जिले के तरारी प्रखंड में जिले की पहली चीनी मिल खुलेगी। इसके लिए तरारी प्रखंड के बिहटा मौजा में 100 एकड़ जमीन का चयन भी कर लिया गया है। जमीन चयन के बाद जिले के दक्षिणी क्षेत्र समेत पूरे भोजपुर जिले में हजारों लोगों के लिए चीनी मिल से जुड़े रोजगार की संभावनाएं बढ़ गई है।एक तरफ जहां चीनी मिल से आर्थिक समृद्धि आएगी, वहीं रोजगार के नए-नए अवसर बढ़ने से जिले का तेजी से विकास होगा।पिछले माह गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा जिले में चीनी मिल खोलने से संबंधित जमीन की रिपोर्ट डीएम से मांगी गई थी। इसी के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय होते हुए जमीन की खोज में लग गया।

सबसे पहले बिहिया में जमीन की पहचान की गई, परंतु तकनीकी समस्या के कारण वहां विलंब होने को देखते हुए दूसरी जमीन तरारी में चिह्नित की गई। तरारी अंचल क्षेत्र के बिहटा अंचल में चीनी मिल खोलने के लिए पर्याप्त मात्रा में 100 एकड़ जमीन चिह्नित कर तारारी सीओ और पीरो एसडीओ से एनओसी ले उस पर सहमति देते हुए विभाग को इसकी रिपोर्ट भेज दी गई।विभाग से सहमति मिलने के बाद अब वहां पर उस जमीन के आसपास चीनी मिल खोलने के लिए आवश्यक ईख की उपयोगिता को देखते हुए कृषि और गन्ना विकास विभाग से स्थानीय स्तर पर गन्ना की खेती, सिंचाई के साधन समेत अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई है।इस पर रिपोर्ट मिलते ही चीनी मिल खोलने की प्रक्रिया में तेज आ जाएगी। बिहार सरकार सात निश्चय तीन के तहत जिले में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए चीनी मिल खोलने का प्रयास कर रही है।मालूम हो यहां 2005 के दशक में बड़े पैमाने पर ईख की खेती होती थी। उसे देखते हुए जिले में चीनी मिल खुलने के बाद यहां हजारों हजार हेक्टेयर में इसके खेती होने की संभावनाएं हैं।कृषि और गन्ना विभाग रिपोर्ट बनाने में लगा जल्द भेजेगा रिपोर्टजिला प्रशासन से आदेश मिलने के बाद कृषि और गन्ना विकास विभाग चीनी मिल खुलने वाले स्थान और उसके अगल-बगल के एरिया में इसकी संभावना तलाशने के साथ-साथ सिंचाई का साधन और होने वाले उत्पादन समेत किसानों की इच्छा भी तलाश रहा है।विभाग से जुड़े जानकार लोगों ने बताया कि स्थानीय लोग चीनी मिल के प्रति जागरूक हैं। लोग जल्द से जल्द चाहते हैं कि उनके क्षेत्र में चीनी मिल खुले ताकि ईख के खेती की स्थिति सुधरने के साथ इससे जुड़ा रोजगार भी मिलेगा।चीनी मिल से भोजपुर के साथ अरवल और सासाराम जिले को भी मिलेगा लाभभोजपुर जिले के दक्षिणी क्षेत्र स्थित तरारी अंचल में चीनी मिल खुलने से एक तरफ जहां जिले के तरारी, पीरो, चरपोखरी, संदेश, कोईलवर उदवंतनगर और अगिआंव प्रखंड क्षेत्र के लोगों को जहां विशेष लाभ होगा वहीं दूसरी तरफ दक्षिणी क्षेत्र से जुड़े अरवल और सासाराम जिले के लोगों को इससे लाभ मिलेगा।भोजपुर समेत दोनों जिलों में हजारों एकड़ में ईख की खेती होने लगेगी जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के साथ नए-नए रोजगार के अवसर मिलेंगे।तरारी में 500 एकड़ से ज्यादा उद्योग के लिए जमीन है चिह्नितरारी अंचल में 500 एकड़ से ज्यादा जमीन औद्योगिक विकास के लिए चिह्नित की गई है। इसमें पहले से वन विभाग को जमीन देने के साथ-साथ सुधा को भी पांच एकड़ जमीन दी गई है।सके बाद 100 एकड़ जमीन चीनी मिल के लिए दी गई। इसके बाद अभी भी यहां औद्योगिक विकास के लिए प्रचुर मात्रा में जमीन मौजूद है।
