दैनिक जागो वर्ल्ड शिमला

शिमला जिला परिषद में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पद को लेकर भाजपा में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। भाजपा 13 सदस्यों के साथ बहुमत का दावा कर रही है और अपने अध्यक्ष बनाने की रणनीति पर काम कर रही है जिला परिषद शिमला में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा ने 13 जिला परिषद सदस्यों के समर्थन के साथ बहुमत का दावा मजबूत कर दिया है। वहीं कांग्रेस के पास 10 सदस्य हैं, जबकि दो निर्दलीय सदस्य अभी किसी भी खेमे में शामिल नहीं हुए हैं। ऐसे में भाजपा ने अपने 13 सदस्यों के साथ बैठक और वार्ता कर जिला परिषद में अपना अध्यक्ष बनाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।।

भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने गत शाम भी इस मुद्दे पर मंथन किया। पार्टी के भीतर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों को लेकर चर्चा का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि अगले दो से तीन दिनों में जैसे ही जिला प्रशासन की ओर से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की तारीख तय की जाएगी, भाजपा अपने पत्ते खोल सकती है।अध्यक्ष पद को लेकर भाजपा के भीतर लॉबिंग शुरू हो गई है। पार्टी के कई नेता अपने-अपने नजदीकी जिला परिषद सदस्य को अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व को करना है।

इस बार निर्वाचित सभी जिला परिषद सदस्य पहली बार चुनाव जीतकर परिषद में पहुंचे हैं। ऐसे में भाजपा के सामने अनुभव के बजाय राजनीतिक सक्रियता, संगठन के साथ तालमेल और भविष्य की राजनीति को ध्यान में रखकर चेहरा चुनने की चुनौती है। सूत्रों के अनुसार अध्यक्ष पद के लिए विक्रम सेन का नाम भी चर्चा में है। पार्टी के भीतर उनके नाम पर मंथन चल रहा है। हालांकि अभी किसी नाम पर अंतिम सहमति नहीं बनी है और कई अन्य दावेदार भी अपनी-अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। जिला परिषद में मौजूदा समीकरण भाजपा के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं। भाजपा के पास 13, कांग्रेस के पास 10 और दो निर्दलीय सदस्य हैं। दोनों निर्दलीय अभी किसी खेमे में नहीं हैं। ऐसे में भाजपा ने अपने 13 सदस्यों के साथ बहुमत का दावा तो पेश कर दिया है, लेकिन अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव तक दोनों निर्दलीय सदस्यों की भूमिका पर भी राजनीतिक नजरें बनी रहेंगी।उपाध्यक्ष पद को लेकर भी भाजपा में कई नामों पर चर्चा चल रही है। टिक्कर वार्ड से भरत सिंह का नाम भी संभावित दावेदारों में बताया जा रहा है। इसके अलावा पार्टी किसी युवा महिला जिला परिषद सदस्य को उपाध्यक्ष पद देकर महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने का संदेश दे सकती है। इसको लेकर भी पार्टी स्तर पर मंथन जारी है।
