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उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में गरीब छात्रों को गणवेश, जूते और बैग के लिए मिलने वाली न्यूनतम धनराशि में देरी हो रही है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।अशोक केडियाल, देहरादून। पहले ही मदद के रूप में दी जा रही न्यूनतम धनराशि और ऊपर से वह भी समय पर न मिले तो सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले गरीब व ग्रामीण विद्यार्थियों से हम विज्ञानी, डाक्टर, इंजीनियर बनने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं।

छात्रों को 600 रुपये ड्रेस के लिए दिए जाते हैं और कहा जाता है ड्रेस के रूप में दो शर्ट एवं दो पैंट लेना अनिवार्य है। यही नही 157 रुपये में स्कूली जूते मिलना संभव नहीं है।इन सबके बावजूद शैक्षिक सत्र की पहली छमाही यानी सितंबर माह बीतने में चंद दिन बचे हैं, लेकिन कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों को मिलने वाली गणवेश, जूते व बैग की धनराशि अब तक जारी नहीं हुई है।
