Sunday, September 20, 2026
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बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर भाजपा ने साधा सरकार पर निशाना, वॉकाथॉन की व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल

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ऊना में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अगुवाई में आयोजित एंटी चिट्टा वॉकाथॉन को लेकर भाजपा नेताओं ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं ऊना विधानसभा क्षेत्र के विधायक सतपाल सिंह सत्ती, जिला अध्यक्ष श्याम मिन्हास, पूर्व विधायक बलबीर चौधरी, पूर्व विधायक देवेंद्र कुमार भुट्टो, पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा, पूर्व विधायक राजेश ठाकुर और प्रदेश भाजपा सह मीडिया प्रभारी राजकुमार पठानिया ने वॉकाथॉन के दौरान गर्मी के कारण स्कूली बच्चों और अध्यापकों के बीमार होने को लेकर चिंता जताई। 16 सितंबर को ऊना के इंदिरा गांधी खेल मैदान से एंटी चिट्टा वॉकाथॉन निकाली गई थी, जिसमें हजारों विद्यार्थी शामिल हुए थेभाजपा नेताओं ने कहा कि सितंबर महीने में ऊना में गर्मी की स्थिति को देखते हुए बच्चों को लंबे समय तक धूप में खड़ा रखना उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता जरूरी है, लेकिन ऐसे आयोजनों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे पहले भी विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने वॉकाथॉन में बच्चों को कई घंटे तक बिना पर्याप्त छायादार व्यवस्था के खड़े रखने पर सवाल उठाए थे।भाजपा नेताओं ने कहा कि नशे के खिलाफ केवल रैलियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। सरकार को यह भी बताना चाहिए कि प्रदेश के अन्य जिलों में आयोजित की गई ऐसी चार रैलियों के बाद नशे की तस्करी पर कितना प्रभाव पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि केवल रैलियों से नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसा जा सकता तो प्रदेश में नशे की ओवरडोज से युवाओं की मौतों की घटनाएं चिंता का विषय नहीं बनतीं।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ऊना आने से पहले प्रदेश के चार अन्य जिलों में भी इसी तरह के कार्यक्रमों में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में सरकार को इन आयोजनों के ठोस परिणाम भी जनता के सामने रखने चाहिए। भाजपा नेताओं ने कहा कि नशे के खिलाफ वास्तविक लड़ाई पुलिस तंत्र को मजबूत करके, तस्करों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करके और नशे के नेटवर्क को तोड़कर ही लड़ी जा सकती है। भाजपा नेताओं ने पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश पुलिस के कुछ कर्मचारियों की नशा तस्करों से कथित मिलीभगत के मामले सामने आए हैं। उनका कहना था कि पुलिस कर्मचारियों से जुड़े ऐसे मामलों में भी कार्रवाई की जरूरत है, ताकि नशे के खिलाफ अभियान की विश्वसनीयता बनी रहे।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार विकास के मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए इस तरह के आयोजनों को राजनीतिक प्रदर्शन का रूप दे रही है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ भाजपा पूरी तरह सरकार के साथ खड़ी है, लेकिन अभियान केवल मंचों, रैलियों और नारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। तस्करों, सप्लायरों और नशे के नेटवर्क के खिलाफ जमीन पर निर्णायक कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की ऐसी गतिविधियां लंबे समय तक जनता का ध्यान नहीं भटका पाएंगी

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