दैनिक जागो वर्ल्ड ! चंडीगढ़

चंडीगढ़ पुलिस ने अपनी 60 साल की यात्रा में पारंपरिक डंडे-डायरी से लेकर आधुनिक साइबर और डिजिटल जांच तक का सफर तय किया है। इस दौरान पुलिसिंग का चेहरा पूरी तरह बदल गया है। कभी डंडा, डायरी और वायरलेस सेट के सहारे शहर की कानून-व्यवस्था संभालने वाली चंडीगढ़ पुलिस अब साइबर अपराध, डिजिटल ठगी, तकनीक आधारित अपराध और डिजिटल जांच से मुकाबला कर रही है।छह दशक की इस यात्रा में पुलिसिंग का चेहरा पूरी तरह बदल गया, लेकिन वर्दी के मूल मूल्य ईमानदारी, साहस, अनुशासन, निष्पक्षता और कर्तव्यनिष्ठा आज भी वही हैं। चंडीगढ़ पुलिस के 60वें वर्ष के उपलक्ष्य में सोमवार को आयोजित विशेष कार्यक्रम में इस बदलाव और छह दशक की सेवा को याद किया गया।कार्यक्रम का नेतृत्व डीजीपी यूटी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने किया। इस दौरान चंडीगढ़ पुलिस के सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

पूर्व पुलिस अधिकारियों ने वर्तमान अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ संवाद कर सेवाकाल के अनुभव, चुनौतियां और यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि समय के साथ अपराध के तरीके बदले तो पुलिस के सामने चुनौतियां भी बदलती गईं।अपराध की दुनिया बदली तो जांच का तरीका भी बदलाचंडीगढ़ पुलिस की छह दशक की यात्रा पारंपरिक कानून-व्यवस्था से आधुनिक पुलिसिंग तक पहुंची है। आज पुलिस को साइबर ठगी, डिजिटल अपराध, तकनीक आधारित अपराध, इंटरनेट से जुड़े मामलों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच से जूझना पड़ रहा है।निगरानी व्यवस्था, आपातकालीन प्रतिक्रिया, यातायात प्रबंधन और नागरिक केंद्रित सेवाओं में भी तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा है। इसके बावजूद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीक केवल जांच का माध्यम है, पुलिसिंग की असली ताकत उसके मूल्यों में है। संवेदनशीलता, निष्पक्षता, साहस और ईमानदारी के बिना प्रभावी पुलिसिंग संभव नहीं है।

कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों के परिवारों के योगदान को भी याद किया गया। अधिकारियों ने कहा कि छह दशक की इस यात्रा में जवानों और अधिकारियों के साथ उनके परिवारों ने भी लगातार त्याग किया है। ड्यूटी की अनिश्चितता और लंबे कार्य घंटों के बीच परिवारों का सहयोग पुलिस बल की मजबूती का महत्वपूर्ण आधार रहा है।चंडीगढ़ पुलिस का स्थापना दिवस एक नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। 60वें वर्ष के समारोहों के जरिए सेवानिवृत्त और वर्तमान पुलिसकर्मियों के बीच संवाद बढ़ाने के साथ नई पीढ़ी को पुराने अनुभवों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।पुलिस ने भविष्य में साइबर खतरे, डिजिटल अपराध और उभरती तकनीकों से निपटने के लिए अपनी क्षमताओं को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
