शिमला –टीना ठाकुर

शिमला के मॉल रोड क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। केशव चौहान, जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी शिमला ने नगर निगम क्षेत्र में चल रहे डक्ट प्रोजेक्ट पर कांग्रेस सरकार को घेरते हुए इसे जनता के पैसे की बर्बादी बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी के लिए दिए गए फंड का उपयोग बिना आवश्यकता वाले कार्यों पर किया जा रहा है, जो जबरन जनता पर थोपा गया है।
चौहान ने कहा कि मॉल रोड पर बनाए जा रहे इस डक्ट प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 260 करोड़ रुपये से अधिक है और भविष्य में इसके और बढ़ने की आशंका है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने बड़े प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले न तो इसकी वास्तविक जरूरत का सही आकलन किया गया और न ही आम जनता को इससे मिलने वाले लाभ का कोई स्पष्ट खाका सामने रखा गया। उनके अनुसार, इस परियोजना से न तो यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और न ही आम नागरिक को कोई सीधा फायदा मिलेगा, ऐसे में इतने बड़े बजट को खर्च करने का औचित्य समझ से परे है।
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी परियोजना को लागू करने से पहले बेनिफिट-कॉस्ट एनालिसिस, ट्रैफिक स्टडी और पब्लिक इम्पैक्ट का आकलन जरूरी होता है, लेकिन इस मामले में इन सभी मानकों की अनदेखी की गई है। बिना ठोस योजना के शुरू किए गए इस कार्य का खामियाजा अब शिमला की जनता भुगत रही है। लंबे समय से चल रहे निर्माण कार्य के कारण मॉल रोड और आसपास के क्षेत्रों में भारी असुविधा उत्पन्न हो रही है, जिससे व्यापार, पर्यटन और आम लोगों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने मांग की कि इस डक्ट प्रोजेक्ट की लागत, आवश्यकता और लाभ को लेकर सरकार श्वेत पत्र जारी करे और जनता को स्पष्ट जानकारी दे कि सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च करने का अंतिम परिणाम क्या होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी और कांग्रेस सरकार को जनता के पैसे के दुरुपयोग पर जवाब देना होगा।



