जागो ! ऊना ब्यूरो रिपोर्ट

जिला ऊना के इंदिरा ग्राउंड में 27 जून को अंडर 21 बॉलीबॉल खिलाड़ियों का ट्रायल रखा गया है, हिमाचल प्रदेश बॉलीबॉल एसोशिएशन के राज्य महासचिव मदन राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि अंडर 21 बॉलीबॉल खिलाड़ी का एक जनवरी 2005 के बाद का जन्म प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। मदन राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा अवसर मिलने जा रहा है। शिमला इंटरनेशनल समर फेस्टिवल-2026 के अंतर्गत पहली अंतर जिला अंडर-21 लड़कों की चिट्टा वॉलीबॉल चैम्पियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 8 जून से 12 जून 2026 तक नगर निगम ग्राउंड संजौली शिमला में आयोजित होगी। जिसमें जिला ऊना की बॉलीबॉल टीम भी भाग लेगी। इस संबंध में जानकारी हिमाचल प्रदेश वॉलीबॉल एसोसिएशन के राज्य महासचिव मदन राणा ने बताया कि इस प्रतियोगिता का आयोजन जिला खेल परिषद शिमला द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इस स्टेट लेवल की प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जिलों की टीमें भाग लेंगी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना तथा उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में विजेता टीम को एक लाख रुपये नकद पुरस्कार, ट्रॉफी एवं मेडल दिए जाएंगे। उपविजेता टीम को 50 हजार रुपये तथा तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। वहीं क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाली टीमों को भी 20-20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अलावा सर्वश्रेष्ठ अटैकर, ब्लॉकर, सेटर एवं लिबरो खिलाड़ियों को भी विशेष पुरस्कार और मोमेंटो देकर सम्मानित किया जाएगा। मदन राणा ने कहा कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की आयु 21 वर्ष से कम होनी चाहिए तथा खिलाड़ी का जन्म 1 जनवरी 2005 के बाद होना अनिवार्य है। पंजीकरण के समय आधार कार्ड अथवा मैट्रिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। प्रत्येक जिला टीम में अधिकतम 12 खिलाड़ी और एक कोच शामिल किया जाएगा, जिला खेल अधिकारियों से अपने-अपने जिलों में चयन ट्रायल आयोजित करने का आग्रह किया गया है ताकि योग्य खिलाड़ियों का चयन कर मजबूत टीमें भेजी जा सकें। मदन राणा ने प्रदेश के सभी युवा खिलाड़ियों से इस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, मेहनत और टीम भावना का संदेश देते हैं तथा ऐसे आयोजन प्रदेश में खेल संस्कृति को नई दिशा प्रदान करेंगे।
