दैनिक जागो वर्ल्ड हिमाचल

नाहन मेडिकल कॉलेज का रेडियोलॉजी विभाग डॉक्टरों की कमी के कारण बंद हो गया है, जिससे मरीजों को अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे के लिए निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ेगा।

हिमाचल प्रदेश सरकार एक तरफ जहां बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही है। वहीं दूसरी तरफ जिला सिरमौर मुख्यालय नाहन के मेडिकल कॉलेज का रेडियोलॉजी विभाग शनिवार से बिना डॉक्टरों के बंद हो गया। शुक्रवार को रेडियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं एचओडी डॉ. दिनेश शर्मा के सेवानिवृत्त होने के बाद विभाग पूरी तरह से विशेषज्ञ विहीन हो चुका है।कुछ महीनों पूर्व मेडिकल कॉलेज नाहन के दो रेडियोलॉजिस्ट नौकरी छोड़ चुके हैं। एक डॉक्टर का यहां से कुछ समय पहले हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के लिए ट्रांसफर कर दी गई है। जिसके चलते नाहन मेडिकल कॉलेज में अब कोई भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं बचा है। डिकल कॉलेज नाहन में रेडियोलॉजिस्ट के आठ पद स्वीकृत हैं, जिसमें 5 सीनियर रेजिडेंट, एक असिस्टेंट प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर तथा एक प्रोफेसर कम एचओडी का पद स्वीकृत है, जबकि प्रदेश सरकार पिछले 10 वर्षों में नाहन मेडिकल कॉलेज के लिए जूनियर रेजिडेंट के पद ही स्वीकृत नहीं करवा

योलॉजी विभाग बंद होने से जहां मरीजों को अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन तथा एक्स रे के लिए निजी क्लिनिकों के चक्कर काटने पड़ेंगे। जहां पर मरीजों को अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन व एक्स-रे के लिए लोगों को निजी क्लीनिक में भारी भरकम राशि भी खर्च करनी पड़ेगी।सरकार द्वारा 2013 में नाहन मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किया था। जो कि तीन वर्ष बाद वर्ष 2016 में प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया। पिछले 10 वर्षों में प्रदेश सरकार मेडिकल कॉलेज नाहन में न तो पूरे डॉक्टर उपलब्ध करवा पाए। न ही स्टाफ नर्स, ना ही अन्य तकनीकी कर्मचारी व ना अन्य स्टाफ मिला।रमौर की जनता के लिए यह मेडिकल कॉलेज उपचार की जगह परेशानी का कारण बन चुका है। देश की आजादी के 79 वर्ष के बाद भी जिला सिरमौर के किसी भी सरकारी अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में हृदय रोग विशेषज्ञ आज तक उपलब्ध नहीं हुआ। पिछले 10 वर्षों में प्रदेश सरकार मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजी विभाग भी शुरू नहीं करवा पाई है
