Wednesday, October 21, 2026
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Indian Railways : दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर 160-200 K/H की स्पीड से चलेंगी ट्रेनें, 10 अगस्त से दौड़ेगी 25000 वोल्ट की धारा

दैनिक जागो वर्ल्ड दिल्ली

दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर ट्रेनें अब 160-200 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी, जिससे यात्रा का समय 3-4 घंटे कम हो जाएगा। 10 अगस्त 2026 से 25,000 वोल्ट की उच्च क्षमता वाली विद्युत धारा प्रवाहित होगी, जिससे निर्बाध परिचालन और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

देश की सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रेलमार्गाें में से एक ‘दिल्ली-हावड़ा मुख्य मार्ग’ पर सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए आने वाला समय बड़ी सौगात लेकर आ रहा है। भारतीय रेल ने इस पूरे रेल खंड पर ट्रेनों की गति में ऐतिहासिक वृद्धि करने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है।दिल्ली से हावड़ा के बीच रेलगाड़ियों की गति को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाते हुए 200 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में इस मार्ग पर गाड़ियों को 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने की तैयारी पूरी की जा चुकी है, जिसे आगे बढ़ाकर पहले 180 और फिर अंतिम रूप से 200 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचाया जाएगा।गति बढ़ाने के इस महाअभियान के तहत बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को सुदृढ़ करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। इसी कड़ी में उत्तर मध्य रेल (एनसीआर) के प्रयागराज मंडल के अंतर्गत आने वाले विभिन्न रेल खंडों में उच्च क्षमता वाले नए उप-केंद्रों (स्विचिंग स्टेशनों) और विद्युत तारों के संजाल को पूरी तरह से आधुनिक प्रणाली में परिवर्तित कर दिया गया है।

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उत्तर मध्य रेल प्रशासन ने इस परियोजना को अमलीजामा पहनाते हुए आम जनता, रेल यात्रियों और रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले ग्रामीणों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सार्वजनिक अधिसूचना जारी की है। रेलवे द्वारा दी गई आधिकारिक सूचना के अनुसार, 10 अगस्त 2026 से प्रयागराज मंडल के अंतर्गत आने वाले प्रमुख रेल खंडों मेजा रोड, भीरपुर, सैयद सरावां और शुजातपुर में नवनिर्मित स्विचिंग स्टेशनों को पूरी तरह से चालू कर दिया जाएगा।इन नए उप-केंद्रों के चालू होते ही रेलवे की ऊपरी विद्युत तारों (ओवरहेड ट्रैक्शन वायर – OHE) में 25,000 वोल्ट (50 हर्ट्ज़ एसी) की अत्यंत शक्तिशाली विद्युत धारा प्रवाहित की जाएगी। 10 अगस्त को या उसके बाद किसी भी समय इन सभी लाइनों को ऊर्जावान (एनर्जाइज) कर दिया जाएगा।ट्रेनों के तकनीकी और तकनीकी-परिचालन के दृष्टिकोण से यह नया 2×25 केवी हाई-टेंशन विद्युत सिस्टम एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होगा।उच्च क्षमता वाली विद्युत धारा मिलने से ट्रेनों के इंजन (लोकोमोटिव) को बिना किसी रुकावट के पूरी ताकत मिलेगी। पावर में उतार-चढ़ाव खत्म होने से ट्रेनें कुछ ही सेकंड में अपनी अधिकतम रफ्तार पकड़ सकेंगीयात्री ट्रेनों के साथ-साथ भारी मालगाड़ियाँ भी बिना पटरियों पर दबाव डाले तेज गति से निकल सकेंगी, जिससे माल ढुलाई का समय भी घटेगा।।

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